औरंगाबाद: कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर हसपुरा थानाध्यक्ष का वेतन रोकने का निर्देश

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने हसपुरा थानाध्यक्ष को कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर कड़ी फटकार लगाई है. आदेश का पालन न करने पर थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है.

Aurangabad News: व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर हसपुरा थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का कड़ा आदेश जारी किया है. यह आदेश हसपुरा थाना कांड संख्या-171/21 एवं एसटीआर-06/25 की सुनवाई के दौरान पारित किया गया.

डॉक्टर और आईओ की गवाही कराने में रहे विफल

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि पूर्व में हसपुरा थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि संबंधित वाद में चिकित्सक (डॉक्टर) एवं अनुसंधानकर्ता (आईओ) की गवाही हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए. इसके बावजूद निर्धारित तिथि पर दोनों महत्वपूर्ण गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कराई जा सकी.

नहीं दे सके संतोषजनक कारण, कोर्ट ने माना अवमानना

सुनवाई के दौरान थानाध्यक्ष न्यायालय के समक्ष आदेश का पालन न होने का कोई संतोषजनक या उचित कारण प्रस्तुत करने में भी विफल रहे. इसे न्यायालय ने अपने आदेश की अवमानना माना.

इसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का आदेश निर्गत किया. न्यायालय के इस सख्त कदम को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है. मामले की अगली सुनवाई अब कोर्ट द्वारा निर्धारित अगली तिथि पर होगी.


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लेखक के बारे में

By Sujit kumar

सुजीत कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. क्राइम की खबरों की गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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