Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में उद्योग एवं कारोबार से जुड़ी सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त (डीडीसी) कुमारी अनुपम सिंह की अध्यक्षता में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इसमें सभी संबंधित विभागों को 10 अगस्त तक आवश्यक सुधार लागू करने और सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश दिए गए.
22 जुलाई तक SOP अपलोड करने का निर्देश
डीडीसी ने समीक्षा के दौरान भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा संचालित 'डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान' और 'सिंगल विंडो सिस्टम' के तहत विभागीय दायित्वों की समीक्षा की. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभाग के नोडल पदाधिकारी का विवरण 22 जुलाई तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं. साथ ही, प्रत्येक सेवा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेने के बाद उसे पोर्टल पर अपलोड करें.
पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन से सुधरेगी बिहार की रैंकिंग
बैठक में जोर दिया गया कि सेवाओं का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर हो और निरीक्षण रिपोर्ट तुरंत पोर्टल पर अपलोड की जाए. लाभार्थियों और व्यवसायियों का अद्यतन डेटा संधारित करने का निर्देश भी दिया गया, क्योंकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मूल्यांकन में यूजर फीडबैक की अहम भूमिका होती है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार लाना है.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नगर विकास, राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य, श्रम संसाधन, उद्योग, पुलिस, अग्निशमन, ऊर्जा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई. मौके पर अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
