गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में टेबल पर पैर रखकर सोते हुए स्वास्थ्यकर्मी का वीडियो वायरल होने के मामले में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. जिलाधिकारी ने गोह पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक उनका वेतन स्थगित करने का आदेश दिया है.
समाचार प्रकाशित होने के बाद हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 12 जुलाई 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में गोह पीएचसी में टेबल पर पैर रखकर सोते हुए चतुर्थवर्गीय कर्मी मनोज कुमार का वीडियो वायरल होने की खबर प्रकाशित हुई थी. प्रकाशित समाचार में अस्पताल में लापरवाही, अनुशासनहीनता और कार्य संस्कृति पर गंभीर सवाल उठाए गए थे.
स्पष्टीकरण में प्रभारी ने क्या कहा?
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि मनोज कुमार कई वर्षों से पीएचसी में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी अक्सर उनके साथ रहती है. इसके बावजूद जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही, स्वच्छता नियमों की अनदेखी और वरीय अधिकारियों के निर्देशों के उल्लंघन को गंभीर मामला माना है.
तीन दिनों में मांगा गया जवाब
जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि तीन दिनों के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं. साथ ही यह भी बताएं कि संबंधित कर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं.
स्पष्टीकरण मिलने तक वेतन रहेगा स्थगित
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का वेतन स्थगित रहेगा. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी.
