औरंगाबाद शहर के धर्मशाला चौक स्थित गणेश मंदिर के समीप शनिवार को गणेश सेवा समिति की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गयी. अध्यक्षता गणपति मंदिर के संरक्षक रंजीत सिंह ने की.
उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों से औरंगाबाद का ऐतिहासिक गणेश महोत्सव समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इस वर्ष भी महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
14 सितंबर से धार्मिक कार्यक्रम
रंजीत सिंह ने बताया कि 14 सितंबर से गणेश महोत्सव का शुभारंभ होगा. 11 दिनों तक पूजा-अर्चना, कलश स्थापना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे. प्रतिदिन सुबह साढ़े छह बजे गणपति की पूजा शुरू होगी.
शाम पांच बजे से भक्ति जागरण होगा, जिसमें बिहार स्तर से लेकर स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे. तीन चरणों में आरती होगी और रात सवा आठ बजे से महाप्रसाद बंटेगा.
यातायात व्यवस्था व परंपरा
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के सहयोग से प्रतिदिन शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े आठ बजे तक धर्मशाला चौक के आसपास यातायात मार्ग में बदलाव किया जाएगा. परंपरा के अनुसार पहली आरती जिलाधिकारी और आरक्षी अधीक्षक द्वारा की जाती है. महाआरती में अलग-अलग दिनों में समाजसेवियों को यजमान के रूप में आमंत्रित किया जाएगा.
स्व. गोपाल सिंह की पहल
रंजीत सिंह ने बताया कि प्रभात खबर के पूर्व ब्यूरो चीफ व वरिष्ठ समाजसेवी स्व. गोपाल सिंह ने 15 वर्ष पूर्व गणेश महोत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाने की पहल की थी. समिति आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. उन्होंने सांसद अभय कुशवाहा समेत सभी लोगों को गणपति के दरबार में आने का खुला निमंत्रण दिया.
24 सितंबर को समापन
महोत्सव का समापन 24 सितंबर को भव्य जुलूस के साथ होगा. प्रेसवार्ता में समिति अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मंटू कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, मंदिर प्रशासक बृंद प्रसाद सिंह, सचिव अरविंद कुमार सिंह समेत अन्य सदस्य मौजूद थे.
