पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

प्राथमिकी में कहा था कि उसके पति इश्तयाक अहमद अपने दोनों पुत्र फैजान रजा और आशिफ रजा के साथ खेती कर 3:30 बजे दोपहर में घर लौट रहे थे

औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे 10 अशोक कुमार गुप्ता ने फेसर थाना कांड संख्या -37/22, जीआर -612/22, एसटीआर -377/22, 193/22में निर्णय पर सुनवाई करते हुए काराधीन अभियुक्त मो तौहिद समेत पांच अभियुक्तों को सजा सुनायी है. एपीपी विंदेश्वरी प्रसाद तांती ने बताया कि फेसर मौलानगर निवासी अभियुक्त गजेंद्र यादव, महेंद्र यादव, मो तोहिद, इस्तेखार अहमद व एनुल होदा को भादंवि की धारा 302/34 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने अतिरिक्त कारावास होगी. वहीं भादंवि की धारा 323/34 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि फेसर मौला नगर निवासी प्राथमिकी सूचक जमीला खातून ने 27 मार्च 2022 को अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में कहा था कि उसके पति इश्तयाक अहमद अपने दोनों पुत्र फैजान रजा और आशिफ रजा के साथ खेती कर 3:30 बजे दोपहर में घर लौट रहे थे, तो महेंद्र यादव के घर के पास घात लगाये बैठे अभियुक्तों ने अचानक लाठी-डंडे, भाला से हमला कर तीनों को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. दोनों पुत्रों का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया और पति को गंभीर स्थिति के कारण मगध कॉलेज गया में भर्ती कराया गया था. जहां 28 मार्च 2022 को मौत हो गयी थी.

हत्या के प्रयास के दोषी को 10 साल की सजा

औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे आठ मनीष कुमार जायसवाल ने मदनपुर थाना कांड संख्या-187/18, एसटीआर-365/19,304/24 में सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए एक मात्र अभियुक्त नीमा आजन निवासी विकास दास को सजा सुनायी है. एपीपी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि अभियुक्त को भादंवि की धारा 307 के तहत दस साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. अभियुक्त को न्यायालय द्वारा चार जुलाई को भादंवि की धारा -307 में दोषी करार देते हुए बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक नीमा आजन निवासी श्यामली दास ने नौ अगस्त 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि उसके पिता बाबू राम दास आठ अगस्त 2018 की रात में सामुदायिक भवन में सोये हुए थे. तब रात 10 बजे अभियुक्त विकास दास ने जान मारने की नियत से गर्दन पर वार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था. पिता ने शोर किया तो ग्रामीण जुटे और अभियुक्त भाग गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए प्राथमिकी स्वस्थ केंद्र मदनपुर लाया गया और घटना की जानकारी पुलिस को देकर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

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By Sudhir kumar singh

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