कोयल नहर से पानी के लिए किसानों को करना होगा इंतजार

प्लेटफार्म बनाने व स्पेंडल रड लगाने, ग्रिसिंग व पेंटिंग का चल रहा काम, नौ जुलाई तक अंबा डिवीजन के क्षेत्रों में सिंचाई शुरू कराने का है लक्ष्य

प्लेटफार्म बनाने व स्पेंडल रड लगाने, ग्रिसिंग व पेंटिंग का चल रहा काम

नौ जुलाई तक अंबा डिवीजन के क्षेत्रों में सिंचाई शुरू कराने का है लक्ष्य

प्रतिनिधि, औरंगाबाद/अंबा.

जिले के कुटुंबा, देव, मदनपुर व सदर प्रखंड के किसानों को उत्तर कोयल नहर के पानी के लिए तीन-चार दिनों तक इतंजार करना पड़ सकता है. मेन कैनाल में जगह-जगह पर अधूरे कार्य को पूरा किया जा रहा है. इस बार लगातार मानसूनी बारिश होते रहने से अधिकृत एजेंसी वाप्कोस को निर्धारित समय सीमा 30 जून तक नहर के कार्यो को संपन्न कराने में दिक्कत हुई है. मुख्य नहर के बेड व तटबंधों को सीएनएस व लाइनिंग के साथ-साथ सभी सरंचनाओ को रिमॉडलिंग किया जा रहा था. नवीनगर डिविजन क्षेत्र में निर्माण काल के दौरान बोल्डर से बनाये गये 107 व 124 आरडी के समीप के दोनों क्रॉस रेगुलेटर गेट को हटा दिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि वहां पर कंक्रीट व सीमेंट से आरसीसी ढलाई कर तीन सीआर गेट बनाया जा रहा था. गेट निर्माण का कार्य पूरा कर लोहे का सीआर गेट लगा दिया गया है. यहां तक कि गेट में लोहे का प्लेटफार्म तैयार कर स्पेंडल रड लगाना जाना शेष कार्य बाकी रह गया है. ऐसे में विभाग के लिए मेन कैनाल का संचालन संभव नहीं प्रतीत हो रहा है. वैसे शनिवार पांच जुलाई से टेस्टिंग के लिए बराज से राइट साइड मेन केनाल में पानी छोड़ दिया गया है. गेट अधूरे होने की वजह से झारखंड भाग में 30, 44 व 64 तथा 95 आरडी का सीआर गेट डाउन कर पानी हेड कर रखा गया है. वर्तमान में हुसैनाबाद डिवीजन क्षेत्र के किसानों को धान की फसल लगाने के लिए नहर से पानी मिल रहा है. इधर, बिहार के किसान चितिंत है. उत्तर कोयल नहर के भीम बराज मोहम्मदगंज में इस बार पर्याप्त पानी आ है. बराज का पौंड लेबल मेकअप कर 6000 क्यूसेक से अधिक पानी नीचे डाउन स्टीम में बहाया जा रहा है.

खराब हो रहा है बिचड़ा

जिन साधन संपन्न किसानों ने रोहिणी नक्षत्र में धान की नर्सरी लगायी थी. उनका बिचड़ा करीब 40 दिन का हो गया है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि 25 से 30 दिनों के अंदर नर्सरी से पौधा उखाड़कर खेत में लगा दिया जाना चाहिए. मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि अधिक दिन के बिचड़ा कीचड़ में लगाने से पौधों से पर्याप्त टिलेज नहीं निकलते हैं. इसकी वजह से उत्पादन लागत में ह्रास होता है. स्थानीय रामपुर गांव के किसान रामचंद्र सिंह, रसलपुर गांव खेत शिवनाथ पांडेय, सूही के अजीत कुमार, सुदर्शन पांडेय, अर्जुन पासवान, दधपा के शिवकुमार सिंह आदि किसानों ने संबधित विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कोयल नहर के अनवरत संचालन करने की मांग की है. अंबा डिवीजन क्षेत्र के कर्मा वितरणी तक कोयल मुख्य नहर में पानी पहुंच गया था. इसी बीच 140 से लेकर 142 आरडी के बीच एक दो जगह विभाग ने सीडी वर्क विभाग को सीडी वर्क कराने की जरूरत समझा. इसकी वजह से बिहार के भाग में नहर का पानी बंद रखा गया है.

क्या बताते हैं अफसर

जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि मेन कैनाल के अधूरे सीआर गेट के कार्यो को करीब-करीब पूरा कर लिया गया है. 36 घंटे के अंदर प्लेटफार्म बनाने व स्पेंडल रड लगाने के साथ-साथ ग्रिसिंग व पेंटिंग आदि संरचनाओं को कंप्लीट कराकर नहर का संचालन शुरू कर दिया जायेगा. इसके लिए विभाग के अभियंता खुद तत्पर है. संभावना जताई गई है कि बुधवार यानी नौ जुलाई तक अंबा डिवीजन के अधिनस्थ क्षेत्रों में सिंचाई शुरू करा दी जायेगी.

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By Sudhir kumar singh

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