Aurangabad News : प्रखंड मुख्यालय स्थित बिस्कोमान केंद्र पर सोमवार को इफको की डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. किसान सुबह पांच बजे से ही अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. सैकड़ों किसानों की लंबी कतार ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए. किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध होती तो उन्हें घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ता.
20 पंचायतों के लिए सिर्फ 500 बोरी डीएपी मिलने का आरोप
किसान प्रिया रंजन कुमार, सुरेश कुमार, अरविंद सिंह, धीरेंद्र सिंह, बिरजू पासवान, बसंत ठाकुर, उत्तम पांडेय, रवि सिंह, सुरेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह और प्रमोद कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि ओबरा प्रखंड में 20 पंचायतें हैं, लेकिन विभाग की ओर से इफको की मात्र 500 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध कराई गई है. किसानों के अनुसार यह मात्रा उनकी आवश्यकता की तुलना में बेहद कम है.
कृषि पदाधिकारी पर लापरवाही का आरोप
किसानों ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी रागिनी कुमारी पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि जिला स्तर पर सही प्रतिवेदन नहीं भेजे जाने के कारण प्रखंड में खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कृषि पदाधिकारी के कार्यालय आने-जाने का समय भी उन्हें पता नहीं चलता. कृषि संबंधी जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को इधर-उधर भटकना पड़ता है.
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं कराई गई और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे प्रखंड कृषि कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे. साथ ही किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज से धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध ओबरा प्रखंड में किसानों की जरूरत के अनुरूप उर्वरक की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की.
कृषि पदाधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका
इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी रागिनी कुमारी से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इसलिए इस मामले में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका.
शिकायतों की होगी जांच : जिला कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने कहा कि ओबरा प्रखंड में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा और किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अभी तक प्रखंड में लगभग 50 प्रतिशत धान की रोपाई ही हो सकी है. प्राकृतिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहने के कारण रोपाई प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के कार्यों की जांच कराई जाएगी. शिकायत सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी.
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