लीड…. कालाबाजारी के संदेह में पकड़ा गया खाद किसानों का

आवेदने देने पर पुलिस की उपस्थिति में किसानों के बीच हुआ वितरण

आवेदने देने पर पुलिस की उपस्थिति में किसानों के बीच हुआ वितरण

दाउदनगर. कालाबाजारी के संदेह में मंगलवार की देर शाम शमशेरनगर व नोनार के ग्रामीणों द्वारा नोनार में दो पिकअप खाद पकड़ा गया. जिसे पुलिस जब्त कर थाने लायी. आवेदने देने व जांच के बाद उसे किसानों के बीच बंटवा दिया गया. जानकारी के अनुसार, दो पिकअप में 140 बोरा खाद ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सुपुर्द किया था. खाद रात भर थाने में रहा. बुधवार को खाद बंटवा दिया गया. थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि 19 किसानों ने थाने में आवेदन देकर कहा कि यह खाद उन लोगों का है. किसानों ने आवेदन में कहा है कि प्रखंड में डीएपी प्रचुर मात्रा में नहीं मिलने के कारण रिश्तेदारों के यहां से डीएपी की खरीद की गयी थी. जब डीएपी की खरीद हो जाने की सूचना मिली तो उन लोगों द्वारा गाड़ी भेज कर डीएपी खाद को मंगाया जा रहा था, जिसे प्रशासन द्वारा रास्ते में जब्त कर लिया गया. इन किसानों में अगम बिगहा के 13, बंधु बिगहा के दो, चेथरुआ बिगहा के दो व महेंद्रा चक के दो किसान शामिल हैं. थानाध्यक्ष ने बताया कि दाउदनगर एसडीओ के निर्देश पर संबंधित किसानों के घर जाकर पुलिस की उपस्थिति में खाद का वितरण करवा दिया गया है. एएसआइ सत्येंद्र तिवारी की देखरेख में संबंधित किसानों को आवेदन में उनके द्वारा दर्शाये गये बोरा के अनुसार खाद दिया गया. एसडीओ अमित राजन ने बताया कि जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आया है कि नोनार में जिस खाद को पकड़ा गया, वह किसानों को देने के लिए जा रहा था. खाद किसानों का पाया गया है, जिसके कारण पुलिस की उपस्थिति में किसानों के घर तक पहुंचाया गया है.

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

शमशेर नगर के ग्रामीण रणविजय पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने नोनार में दो पिकअप डीएपी खाद को पकड़ा. इन लोगों ने कालाबाजारी का खाद होने का आरोप लगाया. श्री पांडेय का कहना था कि इसकी सूचना संबंधित पदाधिकारियों, अनुमंडल प्रशासन के पदाधिकारी एवं पुलिस को दी गयी. लेकिन देर रात तक स्थल पर सिर्फ पुलिस ही पहुंच सकी. सिर्फ एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. परंतु, संबंधित विभागीय अधिकारी फोन उठाने से भी बचते रहे. दोनों पिकअप को पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया. ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि सूचना देने के बावजूद कृषि विभाग के किसी भी पदाधिकारी ने आकर जांच-पड़ताल तक नहीं की. इस संबंध में जब बीएओ अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रजनीकांत भारती के मोबाइल नंबर 9031643755 पर करीब तीन बजे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

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By Sujit kumar

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