Aurangabad News: चोरों के बढ़ते दुस्साहस का एक और बड़ा मामला सामने आया है. यह सनसनीखेज मामला औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां बेखौफ चोरों ने स्थानीय पुलिस थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक बंद मकान में चोरी करने का असफल प्रयास किया. सबसे हैरत की बात तो यह है कि शातिर चोरों ने पिछले 14 माह के भीतर उक्त सूने घर को तीसरी बार अपना निशाना बनाया है. जानकारी के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात चोरों ने मकान में घुसने के लिए पहले बाउंड्रीवाल पर लगे कटीले सुरक्षा तार काटे, फिर मुख्य गेट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे व बल्ब भी तोड़ दिए. हालांकि, इस बार वे चोरी की बड़ी घटना को अंजाम देने में पूरी तरह विफल रहे.
कैमरा तोड़ने से पहले रिकॉर्ड हुई संदिग्धों की गतिविधियां
औरंगाबाद के इस मामले में पीड़ित मकान मालिक ओमप्रकाश पांडेय ने रिसियप थाना में दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि यह घटना रात करीब 12 से 2 बजे के बीच घटित हुई है. चोर परिसर में प्रवेश कर वारदात की अंतिम तैयारी कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से लगा सीसीटीवी कैमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से पहले उसमें तीन संदिग्ध नकाबपोश व्यक्तियों की गतिविधियां साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गईं. पीड़ित गृहस्वामी ने यह डिजिटल फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराते हुए आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है.
चौदह माह में तीसरी वारदात
औरंगाबाद के रिसियप में स्थित यह वही मकान है, जहां बीते 30 मई 2025 को चोरों ने एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. उस समय अलमारी का गोदरेज तोड़कर करीब 50 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के कीमती आभूषण, कीमती साड़ियां समेत लगभग चार से पांच लाख रुपये मूल्य की चल संपत्ति चोरी कर ली गई थी. मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो चोरी का सामान बरामद हो सका और न ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए. इसके बाद 27 मार्च 2026 को भी उसी मकान का ताला तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया था.
सुनसान मकान का उठा रहे फायदा
औरंगाबाद पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, गृहस्वामी ओमप्रकाश पांडेय अपने परिवार के साथ गांव में स्थित अपने पुराने पुश्तैनी मकान में रहते हैं, जो इस नए मकान से करीब 200 मीटर की दूरी पर है. एनएच-139 के किनारे बने इस नए आलीशान मकान में वे और उनका परिवार कभी-कभी ही आकर रुकते हैं. शातिर अपराधी इसी सुनसान स्थिति का फायदा उठाकर लगातार बड़ी वारदात का प्रयास कर रहे हैं. ओमप्रकाश पांडेय रिसियप में एक निजी विद्यालय का संचालन करते हैं व उनकी पत्नी अंबा स्थित कॉलेज में व्याख्याता हैं.
थाना के पास वारदात से उठे गंभीर सवाल
औरंगाबाद जिले का यह घटना स्थल स्थानीय थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-139) के किनारे स्थित है. इतनी संवेदनशील और मुख्य जगह पर बार-बार एक ही मकान को अपराधियों द्वारा निशाना बनाए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है. इस संबंध में रिसियप के थानाध्यक्ष संजीत राम ने बताया कि मामले की लिखित सूचना मिलते ही पुलिस टीम हर पहलू पर गहन जांच में जुट गई है. सीसीटीवी फुटेज की जांच कर संदिग्धों की पहचान की जा रही है.
