बाल विवाह की रोकथाम में सभी की भागीदारी आवश्यक : सचिव

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में भूमिका निभायेंगी आंगनबाड़ी सेविकाएं, दिया गया प्रशिक्षण

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में भूमिका निभायेंगी आंगनबाड़ी सेविकाएं, दिया गया प्रशिक्षण औरंगाबाद शहर. बाल विवाह मुक्त भारत कैंपेन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है. औरंगाबाद, मदनपुर, रफीगंज, नवीनगर, बारूण, देव, कुटुंबा प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रकोष्ठ में बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को क्रियान्वित करने के उद्देश्यों से तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा योजना विनय प्रताप तथा कानूनी सहायता प्रतिरक्षा परामर्शदाता प्रणाली के उप मुख्य बचाव अधिवक्ता श्री अभिनंदन कुमार तथा पैनल अधिवक्ता स्नेहलता द्वारा अलग-अलग सत्रों में सभी आंगनबाड़ी सेविकों को प्रशिक्षित किया गया तथा इसके तहत किये जाने वाली गतिविधियों से सभी सेविकाओं को अवगत कराते हुए अपने-अपने क्षेत्र में इसके तहत किये जाने वाले प्रभावी क्रियाकलापों के लिए प्रेरित किया गया. प्राधिकार की सचिव ने कहा कि कई शृंखंलाबद्ध कार्यक्रमों द्वारा 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान से संबंधित कार्य योजना तैयार की गयी है जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम सभाओं और अन्य सार्वजनिक स्थानों, सामुदायिक स्थलों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों को आयोजित किया जा रहा है तथा इस योजना को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए, आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित किया गया है जिससे कि अपने-अपने क्षेत्र में पहचान, मार्गदर्शन, सहायता और सक्रिय निगरानी की कार्रवाई सुनिश्चत हो सके. उन्होंने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गयी एक राष्ट्रीय एवं महत्वकांक्षी पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य देश से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करना और बच्चों, विशेषकर लड़कियों के अधिकारों को रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल चाइल्ड लाइन 1098 लांच किया गया है जिसमें किसी को यह जानकारी प्राप्त हो कि बाल विवाह हो रहा है हर नागरिक बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्ट कर सकते हैं. जिसमें बाल विवाह निषेध अधिकारियों द्वारा मामलों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाती है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह बृहद कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसे हाल ही में चार दिसंबर को इस अभियान की पहली वर्षगाठ के अवसर पर 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है. निर्धारित अवधि तक भारत को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है. विभिन्न जागरूकता के माध्यम से समाज में बाल विवाह के खिलाफ शून्य सहनशीलता की भावना पैदा करना है और लोग अपनी समस्याओं का आन-लाईन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. उपस्थित आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच बाल विवाह जैसे सामाजिक कुरीति के विरुद्ध सामूहिक शपथ का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें प्रमुखता से हमलोगों ने मिलकर ठाना है, बाल विवाह जैसे सामाजिक कुरीति को मिटाना है का वचन भी लिया गया. सात जनवरी को हसपुरा, ओबरा, गोह, दाउदनगर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण निर्धारित है.

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