सिन्हा कॉलेज में शांतिपूर्ण हो रहा मूल्यांकन कार्य

खत्म होगी शैक्षणिक सत्रों में देरी की समस्या, छात्रों की बढ़ी उम्मीदें

खत्म होगी शैक्षणिक सत्रों में देरी की समस्या, छात्रों की बढ़ी उम्मीदें

औरंगाबाद शहर. मगध विश्वविद्यालय में विलंब से चल रहे शैक्षणिक सत्रों की बात अब पुरानी होने वाली है. परीक्षा के बाद लगातार उत्तर पुस्तिकाओं का कराये जा रहे मूल्यांकन कार्यों से अब ऐसी उम्मीद नजर आ रही है. औरंगाबाद के ऐतिहासिक सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में स्नातक की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरी शांति, अनुशासन व दक्षता के साथ प्रगति पर है. मगध विश्वविद्यालय द्वारा औरंगाबाद के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज और गया के एएन कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है, जहां मूल्यांकन कार्य को तेजी से संपन्न करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास जारी है. जानकारी के अनुसार सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में गया और अरवल जिले के विभिन्न महाविद्यालयों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो रहा है. खास बात यह है कि मूल्यांकन कार्य जिस तरह तीव्र गति से, बिना किसी अव्यवस्था और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है, उससे यह विश्वास प्रबल हुआ है कि अब मगध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को लंबे समय तक सत्र देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा. कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार मिश्रा की नेतृत्व क्षमता, अरविंद कुमार सिंह व पीआरओ भीम बहादुर सिंह की सक्रिय भूमिका और अमित कुमार सिंह सहित संपूर्ण टीम की समर्पित व्यवस्थापन शैली के कारण यह कार्य अत्यंत व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रहा है. मूल्यांकन कार्य में सभी प्राध्यापकों का सक्रिय सहयोग और समन्वय इस कार्य को और भी सुगम बना रहा है. यह मूल्यांकन अभियान न केवल परीक्षा परिणामों को समय पर घोषित करने में मदद करेगा, बल्कि इससे विश्वविद्यालय की साख भी नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगी. छात्रों को सत्र विलंब के कारण आगे की पढ़ाई या नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब लगातार मूल्यांकन कार्य जैसी सकारात्मक पहल से यह संकेत मिल रहा है कि यदि इसी प्रकार का अनुशासन और संकल्प बना रहा, तो अब परीक्षा के बाद समय पर परिणाम घोषित होंगे. वैसे लगातार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने से छात्रों की उम्मीद काफी बढ़ी है.

औरंगाबाद में सेंटर बनने से सहूलियत

मगध विश्वविद्यालय में औरंगाबाद के प्रतिष्ठित सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाये जाने से शिक्षकों को काफी सहूलियत हो रही है. उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़ रहा है. आसानी से सेंटर पर पहुंचकर मूल्यांकन कार्य कर रहे हैं. मूल्यांकन कार्य तीव्र गति से होने से परिणाम भी शीघ्र प्रकाशित होंगे और शैक्षणिक सत्र भी सही हो जायेगा. बेहतर तरीके से मूल्यांकन कराते हुए यह समन्वित प्रयास किया जा रहा है कि गुणवत्तापूर्ण रिजल्ट घोषित हो.

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By Sudhir kumar singh

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