किसानों को नयी तकनीक से खेती करने के लिए करें प्रेरित

डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की हुई बैठक

डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की हुई बैठक औरंगाबाद शहर. कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में शनिवार को डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक की गयी. बैठक में खरीफ मौसम की वर्तमान कृषि स्थिति, वर्षा की प्रगति, बीज व उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व खरीफ 2025-26 के लक्ष्यों की पूर्ति की समीक्षा की गयी. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 189.07 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गयी है, जबकि सामान्य वर्षापात 324.3 मिमी निर्धारित है, जिससे अब तक 176.4 मिमी की वर्षा की कमी दर्ज की गयी है. यह भी अवगत कराया गया कि वर्षा में कमी के कारण किसानों को विशेष सावधानी व वैकल्पिक तकनीकों का प्रयोग करना आवश्यक है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में खरीफ फसलों के लिए जिले का कुल लक्ष्य 172000 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 44245 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई कार्य संपन्न हो चुका है, जो लक्ष्य का 25.72 प्रतिशत है. बैठक में यह बताया गया कि खाद की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति संतोषजनक है. यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीकेएस तथा एसएसपी खाद की प्रचुर मात्रा में आपूर्ति की गयी है और सभी प्रखंडों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. खाद कंपनियों द्वारा दी गई अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 11207.1 मिटरिक टन यूरिया, 1424 मिटरिक टन डीएपी, 699.8 मिटरिक टन एमओपी, 4791.84 मिटरिक टन एनपीकेएस तथा 4500.95 मिटरिक टन एसएसपी खाद का भंडारण एवं वितरण किया जा चुका है. बीज वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 830.025 क्विंटल धान बीज किसानों के बीच वितरित किये गये हैं. इसके अतिरिक्त अब तक 16796 बीज मिनी किट तथा 9774 मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जा चुका है. वर्षा की कमी को ध्यान में रखते हुए कृषकों को जल संरक्षण आधारित तकनीकों जैसे शुष्क बुआई, समांतर पंक्तियों में बुआई, कम अवधि वाली फसलें अपनाने एवं सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है. किसानों को नर्सरी में टपक सिंचाई, पाइप सिंचाई, स्प्रिंकलर एवं ड्रम विधि से सिंचाई की सलाह दी गयी है. बीएओ को निर्देश दिया गया कि वे किसानों के बीच भ्रमण कर तकनीकी जानकारी व आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाएं. बैठक में उपस्थित पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य, उद्यान एवं अन्य विभागों के पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें. साथ ही सभी विभागीय पदाधिकारियों को कृषि टास्क फोर्स की आगामी बैठकों में अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है ताकि खरीफ 2025 मौसम के लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके.

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By Sujit kumar

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