औरंगाबाद के दोमुहान पुल पर रोजाना हजारों लोगों की परीक्षा, डायवर्सन निर्माण अब भी अधूरा

औरंगाबाद-डाल्टेनगंज एनएच-139 पर स्थित दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। भारी वाहनों पर रोक और धीमे डायवर्सन निर्माण के कारण यात्रियों, विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हो रही है।

Aurangabad News: औरंगाबाद–डाल्टेनगंज एनएच-139 पर बटाने नदी स्थित दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के करीब दो माह बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है. पुल का पाया क्षतिग्रस्त होने के कारण जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा रखी है. फिलहाल केवल छोटे वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति है, जबकि बसों का परिचालन पुल के दोनों छोर तक ही सीमित कर दिया गया है. इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को पुल के एक छोर पर उतरना पड़ता है. इसके बाद वे सामान के साथ पैदल पुल पार कर दूसरी ओर दूसरी बस पकड़ते हैं. इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित

पुल क्षतिग्रस्त होने का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. अंबा और नवीनगर क्षेत्र से औरंगाबाद आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन पैदल पुल पार करने को विवश हैं. कई निजी स्कूलों की बसों को देव रोड होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. इससे बच्चों को पहले की तुलना में लगभग दोगुनी दूरी तय करनी पड़ रही है. विद्यालय पहुंचने में देरी हो रही है और स्कूल संचालकों को भी परिवहन व्यवस्था बनाए रखने में अतिरिक्त खर्च और परेशानी झेलनी पड़ रही है.

अनुकूल मौसम के बावजूद कछुआ चाल से चल रहा डायवर्सन निर्माण

आवागमन बहाल रखने के लिए संबंधित विभाग की ओर से डायवर्सन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी बताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बंद होने के करीब एक माह बाद डायवर्सन निर्माण शुरू हुआ और अब एक माह बीत जाने के बाद भी यह पूरा नहीं हो सका है.

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने मामले को लेकर सरकार को पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की थी, लेकिन अन्य जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की गई. लोगों का मानना है कि यदि सभी जनप्रतिनिधि गंभीरता से प्रयास करते तो निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकती थी.

संघर्ष समिति की गतिविधियां भी पड़ीं धीमी

पुल पर आवागमन बाधित होने के बाद एनएच-139 संघर्ष समिति का गठन किया गया था. शुरुआती दिनों में समिति ने आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन कर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन डायवर्सन निर्माण शुरू होने के बाद उसकी गतिविधियां लगभग थम गईं. अब जबकि निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, समिति की ओर से भी कोई प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है.

जल्द निर्माण पूरा करने की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से डायवर्सन निर्माण कार्य में तेजी लाकर जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रतिदिन हजारों लोगों को हो रही परेशानी अब असहनीय होती जा रही है. यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है.

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By Ambuj kumar

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