ओबरा में लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं वीर सपूत शहीद जगतपति कुमार के शहादत दिवस 11 अगस्त को प्रखंड स्तर पर राजकीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने और सरकारी कार्यक्रमों में शामिल करने की मांग की है. इसे लेकर गुरुवार को सड़क दुर्घटना रोकथाम फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
क्या क्या हैं मांगें
ज्ञापन में कहा गया कि ओबरा की धरती का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. इसी धरती के वीर सपूत शहीद जगतपति कुमार ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. 11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के प्रयास में सात युवा वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी. इन अमर शहीदों में जगतपति कुमार का नाम चौथे क्रम पर शामिल है.
ट्रस्ट ने मांग की कि प्रत्येक वर्ष 11 अगस्त को शहीद जगतपति कुमार का शहादत दिवस प्रखंड स्तर पर राजकीय सम्मान के साथ मनाया जाए. कार्यक्रम में प्रशासनिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए. साथ ही उनके जीवन, संघर्ष और बलिदान को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए पाठ्यक्रम में उचित स्थान देने, श्रद्धांजलि सभा, प्रभात फेरी, तिरंगा यात्रा एवं देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की गई.
नई पीढ़ी को वीर सपूतों से परिचित कराना जरूरी
ट्रस्ट सदस्यों ने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और अपने क्षेत्र के वीर सपूतों के बलिदान से परिचित कराना जरूरी है. शहीद जगतपति कुमार को सरकारी स्तर पर सम्मान मिलने से उनके बलिदान को उचित मान्यता मिलेगी और युवाओं में देशप्रेम, राष्ट्रभक्ति तथा सामाजिक जिम्मेवारी की भावना मजबूत होगी.
उन्होंने कहा कि जगतपति कुमार का बलिदान किसी एक परिवार या समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे प्रखंड, जिले और बिहार की गौरवशाली विरासत है. उनकी स्मृति को जीवंत रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा.
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य पुष्कर अग्रवाल, चंदन कुमार, गुड्डू कुमार, आनंद कुमार, धीरज कुमार, सहजानंद कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे. ट्रस्ट ने प्रशासन से शहीद जगतपति कुमार के शहादत दिवस को राजकीय सम्मान के साथ मनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया.
