औरंगाबाद के दाउदनगर में एनएसएस स्वयंसेवकों ने निकाली स्वच्छता रैली, नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को किया जागरूक

Aurangabad Swachhta Jagrukta: दाउदनगर महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने अकोढ़ा पंचायत के सिपहा गांव में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया. स्वयंसेवकों ने रैली निकालकर और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया.

Aurangabad Swachhta Jagrukta: दाउदनगर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को अकोढ़ा पंचायत के सिपहा गांव में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. देव प्रकाश के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया. इस दौरान स्वच्छता रैली निकालने के साथ कचरा संग्रहण एवं निस्तारण अभियान भी चलाया गया.

स्वच्छता नारों के साथ गांव में निकली रैली

कार्यक्रम की शुरुआत लक्ष्यगीत, प्रेरक उद्बोधन और योगाभ्यास से हुई. इसके बाद स्वयंसेवकों ने स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली. हाथों में स्वच्छता संबंधी नारों की तख्तियां और एनएसएस का बैनर लेकर छात्र-छात्राओं ने पूरे गांव का भ्रमण किया. इस दौरान ग्रामीणों से आसपास साफ-सफाई रखने और कचरे का उचित निस्तारण करने की अपील की गयी.

नुक्कड़ नाटक से समझाया स्वच्छता का महत्व

गांव के चौराहे पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. इसके माध्यम से स्वच्छता के महत्व, कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया. इसके बाद स्वयंसेवकों ने गांव में कचरा संग्रहण एवं निस्तारण अभियान भी चलाया.

स्वच्छता को लेकर हुई बौद्धिक परिचर्चा

कार्यक्रम के बाद स्वच्छता विषय पर बौद्धिक परिचर्चा आयोजित की गयी. मुख्य वक्ता रोहतास जिले के सूर्यपुरा प्रखंड के स्वच्छता समन्वयक कृष्ण सिंह रहे. दाउदनगर महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका डॉ. शहला बानो ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया. विषय प्रवेश मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. श्रीनिवास सिंह ने कराया.

कृष्ण सिंह ने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वच्छ रहना ही वास्तविक स्वच्छता है. समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें अभियान से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है.

समीक्षा बैठक में बनी अगले दिन की कार्ययोजना

कार्यक्रम के बाद समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. इसमें अगले दिन होने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी. स्वयंसेवकों ने शिक्षकों के साथ शिविर के दौरान मिले अनुभव और अपने विचार साझा किये. शिक्षकों ने डायरी लेखन के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की.

कार्यक्रम का संचालन दर्शनशास्त्र की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रोजी कांत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन हिंदी के सहायक प्राध्यापक मंजू कुमार सोरेन ने किया. मौके पर एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ सिपहा गांव के ग्रामीण भी मौजूद रहे.

सोमवार को हुआ था सात दिवसीय शिविर का उद्घाटन

इससे पहले सोमवार को सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन दाउदनगर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. एम.एस. इस्लाम ने किया था. मौके पर अकोढ़ा पंचायत की मुखिया संध्या देवी, वार्ड सदस्य सरस्वती कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद थे.

प्राचार्य ने कहा कि विशेष शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें समाज और देश के प्रति सजग एवं कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने में मदद करता है. सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमित कुमार मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. तकनीकी युग में जागरूक युवा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

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By ओमप्रकाश

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