औरंगाबाद : दाउदनगर में प्रवेश द्वार के नामकरण पर विवाद, आवेदन वापस लेने से मामला और उलझा

दाउदनगर प्रखंड में प्रवेश द्वार के नामकरण को लेकर दो गुटों में विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सरकारी निर्माण का नाम स्व. मंहगु सिंह पर रखने पर आपत्ति जताई है। एक हस्ताक्षरकर्ता द्वारा आवेदन वापस लेने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है।

दाउदनगर प्रखंड की अंछा पंचायत स्थित चौरम पुल के पास बने प्रवेश द्वार के नामकरण को लेकर विवाद गहरा गया है. 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत वर्ष 2025-26 में सरकारी राशि से निर्मित इस प्रवेश द्वार का नाम स्व. मंहगु सिंह के नाम पर रखे जाने के बाद ग्रामीणों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं. मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब आपत्ति दर्ज कराने वाले आवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले एक ग्रामीण ने अगले ही दिन अपना आवेदन वापस लेने की मांग कर दी, जबकि दूसरे हस्ताक्षरकर्ता ने आवेदन वापस लेने से इनकार कर दिया.

ग्रामीणों ने नामकरण पर जताई आपत्ति

अजीत कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) को आवेदन देकर कहा कि प्रवेश द्वार का नाम वर्तमान मुखिया के परिवार से जुड़े स्व. मंहगु सिंह के नाम पर रखा गया है. उनका आरोप है कि स्व. मंहगु सिंह का समाज में ऐसा कोई विशेष योगदान या व्यापक पहचान नहीं रही, जिसके आधार पर सरकारी निर्माण का नाम उनके नाम पर रखा जाए. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवेश द्वार पर वर्तमान मुखिया और उनके पति का नाम भी अंकित कराया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है. इस आवेदन की प्रतिलिपि बीडीओ, एसडीओ, उप विकास आयुक्त और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है.

एक ने वापस लिया आवेदन, दूसरे ने किया इनकार

विवाद उस समय और बढ़ गया, जब आवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले ग्रामीण रवि कुमार ने अगले ही दिन बीपीआरओ कार्यालय पहुंचकर नया आवेदन दिया. उन्होंने कहा कि वे पहले बहकावे में आकर शिकायत कर बैठे थे. उन्होंने स्व. मंहगु सिंह को समाजसेवी, प्रबुद्ध चिंतक और समाज सुधारक बताते हुए प्रवेश द्वार के नामकरण पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही और पहले दिए गए आवेदन को निरस्त करने का अनुरोध किया. वहीं दूसरे हस्ताक्षरकर्ता ने फोन पर स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना आवेदन वापस नहीं लिया है. इससे पूरे मामले में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

मुखिया प्रतिनिधि ने ग्रामसभा का दिया हवाला

मुखिया संध्या देवी के प्रतिनिधि ब्रजेश कुमार ने बताया कि स्व. मंहगु सिंह के नाम पर प्रवेश द्वार का नामकरण ग्रामसभा में विधिवत प्रस्ताव पारित कर किया गया था. उनके अनुसार इस प्रस्ताव पर एक हजार से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध में दिए गए आवेदन पर कई हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी तरीके से किए गए थे. उनका कहना है कि एक हस्ताक्षरकर्ता स्वयं कार्यालय पहुंचकर आवेदन वापस ले चुका है.

फिलहाल जांच शुरू नहीं, क्षेत्र में चर्चा तेज

प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी ऋषु राज ने बताया कि शिकायतकर्ताओं में से एक ने आवेदन वापस लेने का अनुरोध किया है, जबकि दूसरे ने ऐसा करने से इनकार किया है. दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया था, लेकिन तय तिथि पर कोई उपस्थित नहीं हुआ. फिलहाल इस मामले में बीपीआरओ स्तर पर कोई औपचारिक जांच शुरू नहीं की गई है. हालांकि प्रवेश द्वार के नामकरण को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज है और ग्रामीण प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Om Prakash

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >