औरंगाबाद में साइबर अपराध पर सख्ती, हर सप्ताह मनाया जाएगा ‘साइबर मंगलवार’

Aurangabad News : औरंगाबाद में साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ प्रशासन सख्त. अब तक 68 अपराधी गिरफ्तार, जागरूकता के लिए हर मंगलवार चलेगा विशेष अभियान.

Aurangabad News : साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिहार सरकार ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है. इसी को लेकर मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निष्पादन, साइबर ठगी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा आम लोगों को जागरूक बनाने पर विशेष जोर दिया गया. औरंगाबाद से जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेन्द्रनाथ वर्मा बैठक में शामिल हुए.

औरंगाबाद में 68 साइबर अपराधी गिरफ्तार

बैठक में समन्वय पोर्टल पर जिलावार प्रगति की भी समीक्षा की गई. औरंगाबाद जिले में अब तक 68 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. इनमें से 48 अभियुक्तों का विवरण समन्वय पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है. शेष मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया.

जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को साइबर अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि साइबर पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए. साथ ही नियमित रूप से जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाकर साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए.

1930 हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार पर जोर

बैठक में निर्देश दिया गया कि साइबर सुरक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए. इसके लिए सुधा के सभी आउटलेट्स, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए. साथ ही बिजली उपभोक्ताओं को जारी होने वाले बिजली बिलों पर भी हेल्पलाइन नंबर 1930 अंकित कर उसका प्रचार करने के निर्देश दिए गए, ताकि साइबर ठगी की स्थिति में लोग तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें.

हर सप्ताह आयोजित होगा ‘साइबर मंगलवार’

बैठक में प्रत्येक जिले में नियमित रूप से 'साइबर मंगलवार' आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन निवेश, केवाईसी अपडेट, ओटीपी साझा करने तथा बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.

शिकायतों के निष्पादन में बिहार अग्रणी

समीक्षा के दौरान बताया गया कि साइबर अपराध नियंत्रण और शिकायतों के निष्पादन में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. राज्य में ई-जीरो एफआईआर की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से साइबर अपराध की शिकायतों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा रही है. शिकायत निवारण तंत्र के तहत 70 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन हो रहा है. वहीं सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अवैध सामग्री हटाने की कार्रवाई में भी बिहार का प्रदर्शन उल्लेखनीय बताया गया.

बैठक में ये अधिकारी भी रहे मौजूद

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औरंगाबाद से डीएसपी साइबर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी तथा कार्यपालक अभियंता (विद्युत) भी उपस्थित रहे. बैठक में सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए.

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By Sudhir kumar singh

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