बारिश का मौसम आते ही डरने लगते है बच्चे, दो दिन पहले एक बच्ची को ग्रामीणों ने डूबने से बचाया ओबरा. हाल के दिनों में हुई लगातार बारिश से बहुत से इलाकों में अभी भी जल जमाव है. कई विद्यालय भी जल जमाव की चपेट में है. मध्य विद्यालय बालक रामनगर की स्थिति भयावह है. विद्यालय परिसर में लगभग तीन फीट पानी का जमाव होने के कारण बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी हो रही है. इधर जानकारी मिली कि रविवार को विद्यालय बंद के दौरान गांव के रविंद्र पासवान की छह वर्षीय पुत्री परी कुमारी अपने दोस्तों के साथ विद्यालय परिसर में जमे पानी मे खेल रही थी. अचानक वह गड्ढे में चली गयी और डूबने लगी. बच्चों के शोरगुल करने के बाद कुछ ग्रामीण पहुंचे और बच्ची को बचाया. इसी से समझा जा सकता है कि जल जमाव कितना खतरनाक हो गया है. विद्यालय परिसर में पानी का जमाव होने से शिक्षक भी परेशान है. विद्यालय के तीन तरफ से चहारदीवारी का निर्माण कराया गया है लेकिन एक तरफ चहारदीवारी नहीं होने के कारण शरारती तत्व के लोग भी विद्यालय परिसर में अक्सर पहुंचते रहे है. विद्यालय परिसर में मिट्टी भरने के लिए प्रधानाध्यापक अजीत कुमार सिंह द्वारा एक वर्ष पूर्व ओबरा बीआरसी कार्यालय में पत्र के माध्यम से ध्यान आकृष्ट कराया गया था लेकिन विभाग के संबंधित पदाधिकारी इस मामले में पहल नहीं कर सके. बारिश होने के बाद विद्यालय में अत्यधिक जल जमाव हो जाता है. बच्चों को दुर्घटना का भय बन जाता है. ग्रामीण भोला यादव, पिंटू पासवान, मुकेश कुमार, राहुल कुमार, सुभाष भगत ने बताया कि रामनगर विद्यालय परिसर में जल जमाव होने के कारण अगल-बगल रहने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है. इधर, इस संबंध में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जूही कुमारी ने बताया कि इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं है. मामले की गंभीरता पूर्वक जांच कर आगे की कार्रवाई की जायेगी. डीजल पंप चलकर पानी की निकासी कराने का प्रयास किया जायेगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
