औरंगाबाद : बिजली चोरी पर सख्त हुए मुख्य सचिव, विद्युत संरचनाओं की सुरक्षा के लिए जिलों को दिए कड़े निर्देश

राज्यभर में बिजली संरचनाओं की चोरी और क्षति को लेकर मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बिजली चोरी, विद्युत संरचनाओं की सुरक्षा, बिजली आपूर्ति उपकरणों की चोरी की रोकथाम तथा इस संबंध में की जा रही कार्रवाई को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के साथ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गौरव सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए.

बिजली चोरी से बढ़ता है नुकसान

समीक्षा के दौरान बताया गया कि कृषि फीडर, 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत लाइन, वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर), एलटी एबी केबल, कंडक्टर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं की चोरी अथवा क्षति से बिजली आपूर्ति बाधित होती है. इससे राजस्व की हानि होती है, मरम्मत कार्य में अतिरिक्त समय और व्यय लगता है तथा किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

राज्यभर में 1,228 स्थानों पर हुई क्षति

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक विद्युत संरचनाओं की क्षति के 1,228 स्थल चिन्हित किए गए हैं तथा 798 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. चोरी एवं क्षति की घटनाओं में लगभग 42 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 2,748 किलोमीटर 11 केवी लाइन तथा 1,177 किलोमीटर एलटी एबी केबल प्रभावित हुई है. वहीं 1,680 वितरण ट्रांसफार्मर कॉयल अथवा तेल चोरी के कारण प्रभावित हुए हैं.

औरंगाबाद की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर

औरंगाबाद जिले में अब तक विद्युत संरचना क्षति के केवल दो स्थल चिन्हित हुए हैं तथा दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. जिले में लगभग 3.70 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन एवं दो किलोमीटर एलटी एबी केबल प्रभावित हुई है. राहत की बात यह रही कि ट्रांसफार्मर की क्वायल अथवा तेल चोरी की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है.

मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत संरचनाओं की चोरी एवं क्षति की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस एवं विद्युत विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए. चोरी प्रभावित क्षेत्रों, कृषि फीडरों तथा विद्युत उपकेंद्रों के आसपास नियमित गश्ती, सतत निगरानी और विशेष चौकसी सुनिश्चित की जाए. साथ ही दर्ज प्राथमिकी का त्वरित अनुसंधान, प्रभावी अभियोजन तथा संगठित रूप से चोरी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. सीमावर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया.

डीएम ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

बैठक के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में विद्युत अवसंरचनाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग एवं पुलिस प्रशासन के बीच सतत समन्वय बनाए रखते हुए चोरी अथवा क्षति की प्रत्येक घटना पर त्वरित कार्रवाई की जाए. दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं.


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By Sudhir kumar singh

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