औरंगाबाद बारूण नगर पंचायत में सियासी घमासान, विशेष बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे पार्षद, मुख्य पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप

बारूण नगर पंचायत में तब हलचल मच गई जब विशेष बोर्ड बैठक में कोई भी पार्षद शामिल नहीं हुआ. मुख्य पार्षद ने एक पार्षद पर सरकारी कामकाज प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है. यह पूरा मामला अब विभाग की कार्रवाई पर टिका है.

बारूण. नगर पंचायत के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई, जब 18 जुलाई को आयोजित महत्वपूर्ण विशेष बोर्ड बैठक में कोई भी पार्षद और उप मुख्य पार्षद शामिल नहीं हुए.

नगर पंचायत की मुख्य पार्षद इंदु देवी ने वार्ड संख्या 10 के पार्षद सुरेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कारण सरकारी कामकाज और जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

जनहित से जुड़े दो अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा

मुख्य पार्षद के अनुसार, 18 जुलाई को आयोजित विशेष बोर्ड बैठक सामान्य बैठक नहीं थी. यह बैठक स्वयं वार्ड पार्षद सुरेंद्र कुमार के लिखित आग्रह पर बुलाई गई थी.

बैठक में पर्यावरण और स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी. इसमें सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार एमआरएफ, कंपोस्ट पिट और सैनिटरी लैंडफिल साइट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मुद्दा शामिल था.

इसके अलावा संभावित भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने पर भी विचार किया जाना था.

दस्तावेज नहीं मिलने के आरोप पर बढ़ा विवाद

मुख्य पार्षद के अनुसार, बैठक शुरू होने से पहले पार्षद सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पिछली बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि से संबंधित दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

उन्होंने इसी आधार पर बैठक स्थगित करने की मांग की. हालांकि मुख्य पार्षद इंदु देवी ने इस आरोप को निराधार बताया है.

उन्होंने कहा कि 22 जून को कार्यपालक पदाधिकारी के कक्ष में हुई समीक्षा बैठक में सुरेंद्र कुमार सहित कई पार्षद मौजूद थे. उस दौरान सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे और पार्षद ने खुद अपने मोबाइल से उनकी तस्वीरें भी ली थीं.

मुख्य पार्षद ने लगाया सुनियोजित बाधा का आरोप

मुख्य पार्षद ने कहा कि बैठक के समय दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का दावा प्रशासनिक कार्यों को बाधित करने की कोशिश है.

उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है, न कि प्रशासनिक प्रक्रिया में बाधा डालना.

पार्षद सुरेंद्र कुमार ने दी अपनी सफाई

वहीं, पार्षद सुरेंद्र कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने और अन्य पार्षदों ने बैठक से पहले ही सूचना दी थी कि पिछली बैठक की कार्यवाही की प्रमाणित संपुष्टि की कॉपी उपलब्ध कराई जाए.

उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने के कारण उन्होंने बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया.

मुख्य पार्षद ने विभाग से कार्रवाई की मांग की

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य पार्षद इंदु देवी ने नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है.

उन्होंने पार्षद सुरेंद्र कुमार के खिलाफ बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है. पत्र की प्रतियां जिलाधिकारी औरंगाबाद और बारूण नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को भी भेजी गई हैं.

अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर

विशेष बोर्ड बैठक में गतिरोध के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर है. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के विकास कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए और जनहित के मुद्दों पर सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए.


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