चरित्र ही व्यक्ति की असली पूंजी : रामभद्र
औरंगाबाद न्यूज : इस्कॉन मंदिर में सेमिनार का आयोजन
औरंगाबाद न्यूज : इस्कॉन मंदिर में सेमिनार का आयोजन
औरंगाबाद शहर.
इस्कॉन मंदिर में शनिवार की संध्या में आयोजित एक प्रेरणादायी सेमिनार में युवाओं को चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन की दिशा में प्रेरित किया गया. इस आयोजन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों व समाजसेवियों ने सहभागिता की. इस्कॉन औरंगाबाद के मीडिया प्रभारी हिमांशु राज ने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को एक उद्देश्यपूर्ण, संतुलित और मूल्यनिष्ठ जीवन की ओर उन्मुख करने के लिए आयोजित किया गया. मुख्य वक्ता के रूप में इस्कॉन गुरुग्राम मंदिर के अध्यक्ष रामभद्र दास शामिल रहे. उन्होंने युवाओं को जीवन में अध्यात्म और व्यावहारिक संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया. कहा कि चरित्र निर्माण की आवश्यकता इसीलिए है, क्योंकि आज चरित्र का अभाव है. आज की युवा पीढ़ी ज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ रही है, किंतु यदि चरित्र दृढ़ न हो, तो यह प्रगति समाज और स्वयं दोनों के लिए विनाशकारी बन सकती है. चरित्र ही व्यक्ति की असली पूंजी है, जो उसे हर परिस्थिति में दृढ़ बनाये रखता है. जीवन में क्षतिज (सामाजिक, व्यावसायिक) और ऊर्ध्व (आध्यात्मिक) दोनों प्रकार के विकास की आवश्यकता है. केवल करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा अर्जित करना पर्याप्त नहीं है, जब तक व्यक्ति अपने आंतरिक विकास पर ध्यान नहीं देता. अध्यात्म के माध्यम से मन की शुद्धता और संतुलन प्राप्त होता है, जो जीवन को स्थायित्व और संतोष प्रदान करता है. क्रोध, लोभ और काम जैसे विकारों के संतुलन के लिए अध्यात्म अनिवार्य है. श्रेष्ठ आधुनिक जीवनशैली में तनाव, प्रतिस्पर्धा और इच्छाओं की अधिकता ने युवाओं को भ्रमित कर दिया है.श्रेष्ठ प्रयास करो व शेष प्रभु पर छोड़ दो श्रेष्ठ प्रयास करो और शेष प्रभु पर छोड़ दो. यह सूत्र न केवल युवाओं को तनावमुक्त करता है, बल्कि उन्हें निरंतर कर्मशील बनाये रखता है. मुख्य अतिथि के रूप में नप अध्यक्ष उदय कुमार गुप्ता व राजीव गुप्ता भी मौजूद रहे. अतिथि विशेष के रूप में इस्कॉन गया के अध्यक्ष जगदीश श्याम दास भी पधारे. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक जीवन को युवावस्था से अपनाने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम में अभय अच्युत दास जी (प्रचार क्षेत्र प्रमुख, इस्कॉन औरंगाबाद) की भी विशेष उपस्थिति रही. सेमिनार के उपरांत सुमधुर कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित जनमानस भावविभोर हो गया और वातावरण भक्ति-रस से सराबोर हो उठा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
