Aurangabad Cyber Crime : औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल, सुंदरगंज में मंगलवार को साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों से बचाव तथा महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देना था.
साइबर डीएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साइबर एवं ट्रैफिक डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में रिसियप थानाध्यक्ष संजीत कुमार एवं सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री शामिल हुईं.
कार्यक्रम का शुभारंभ साइबर डीएसपी, थानाध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर, जिला जूनियर रेड क्रॉस काउंसेलर निरंजय कुमार एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. विद्यालय परिवार ने पौधा देकर अतिथियों का स्वागत किया.
ओटीपी व पासवर्ड न करें साझा
साइबर डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप ने कहा कि डिजिटल तकनीक और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं.
उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने से बचने तथा किसी के साथ ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी.
उन्होंने फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों के भय, लालच और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लेन-देन पर बिना सत्यापन के कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.
महिला सुरक्षा व अभया ब्रिगेड पर चर्चा
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, अभया ब्रिगेड, ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर स्टॉकिंग पर भी चर्चा हुई.
सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री ने छात्राओं को अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी असहज परिस्थिति को छिपाने के बजाय तत्काल अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को सूचना दें. थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है.
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विद्यार्थियों के सवालों का मिला समाधान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में साइबर ब्रांच के प्रोग्रामर राहुल कुमार, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.