औरंगाबाद शहर का राजेंद्र प्रसाद बाल उद्यान अब सिर्फ मॉर्निंग वॉक और योग का स्थान नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया है. यहां हर सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं योग, हंसी योग और सत्संग में शामिल होकर स्वास्थ्य और मानसिक शांति का लाभ ले रही हैं.
हंसी योग से दूर कर रहीं तनाव, बढ़ा रहीं सकारात्मकता
सोमवार की सुबह योग प्रशिक्षक और लाफ्टर गुरु बैजनाथ दुबे के नेतृत्व में महिलाओं ने हंसी योग किया. इस दौरान महिलाओं ने योगासन और प्राणायाम के साथ जमकर ठहाके लगाए. महिलाओं का कहना है कि हंसी योग तनाव कम करने और दिनभर मन को प्रसन्न रखने में मदद करता है.
भजनों से भक्तिमय हुआ उद्यान का माहौल
योग सत्र के बाद महिलाओं ने सत्संग में हिस्सा लिया. सासाराम की कौशल्या शाह ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर महिलाएं भक्ति भाव में डूब गईं. भजन और कीर्तन से पूरे उद्यान का वातावरण आध्यात्मिक हो गया.
योग और सत्संग से मिल रही नई ऊर्जा
महिलाओं ने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति के लिए योग और सत्संग बेहद जरूरी है. नियमित योग से शरीर स्वस्थ रहता है और भक्ति से मन को सुकून मिलता है. राजेंद्र प्रसाद बाल उद्यान में स्वास्थ्य और आध्यात्म का यह संगम शहरवासियों के लिए प्रेरणा बन रहा है.
