Aurangabad SP Crime Meeting : औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने गुरुवार को जिले के सभी अंचल निरीक्षकों (सीआई) के साथ अगस्त माह की अपराध गोष्ठी आयोजित कर जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान पूर्व में आयोजित विभिन्न बैठकों में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा की गयी.
अपराध गोष्ठी में 300 दिनों से अधिक समय से लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने पर विशेष जोर दिया गया. पुलिस अधीक्षक ने हत्या, पुलिस पर हमला, आर्म्स एक्ट, पॉक्सो एक्ट, मॉब लिंचिंग तथा एससी-एसटी अधिनियम से जुड़े गंभीर मामलों की थानावार समीक्षा की. संबंधित मामलों में अनुसंधान की प्रगति और लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये गये.
स्पीडी ट्रायल की समीक्षा
बैठक में स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गयी, ताकि गंभीर अपराधों में आरोपितों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया को गति मिल सके. इसके अलावा थानावार गिरफ्तारियों की स्थिति, फरार आरोपितों की गिरफ्तारी तथा न्यायालय से निर्गत सम्मन और वारंट के निष्पादन की प्रगति पर भी चर्चा हुई.
उत्पाद अधिनियम पर निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया.
मालखाना व एफएसएल जांच
साथ ही सभी थानों के मालखानों के भौतिक सत्यापन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गयी. विभिन्न कांडों से जुड़े एफएसएल जांच के लिए भेजे जाने वाले लंबित नमूनों की भी समीक्षा की गयी.
गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर ज़ोर
एसपी ने सभी सीआई को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने, गंभीर कांडों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने और पूर्व में दिये गये निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया.
