Aurangabad News: औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर 'आदित्य नगर' किए जाने की मांग अब और तेज हो गई है. केशव लोकमंच द्वारा चलाए जा रहे नाम परिवर्तन अभियान को बिहार विधानसभा में भी समर्थन मिला है. हालिया मानसून सत्र के दौरान रफीगंज के विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से सदन के पटल पर रखा.
विधान परिषद के बाद विधानसभा में भी गूंजा मुद्दा
इससे पूर्व विधान परिषद में विधान पार्षद (MLC) दिलीप कुमार सिंह भी जिले का नाम आदित्य नगर करने की मांग उठा चुके हैं. केशव लोकमंच ने दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में इस प्रस्ताव को उठाए जाने को अभियान की एक बड़ी उपलब्धि बताया है. संस्था का मानना है कि इससे मुहिम को नई दिशा और मजबूती मिलेगी.
भगवान सूर्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
केशव लोकमंच के पदाधिकारियों ने विधायक प्रमोद कुमार सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बधाई दी है. संस्था के सदस्यों—अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, इंजीनियर कमलेश कुमार सिंह, मृत्युंजय सिंह, कृष्णा सिंह, शंकर दयाल सिंह और मुनेंद्र कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि औरंगाबाद की पहचान देव स्थित विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर से है.
पर्यटन और पहचान को मिलेगा बढ़ावा
संस्था का कहना है कि जिले का नाम 'आदित्य नगर' होने से इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी. साथ ही इससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई गई है.
