औरंगाबाद. दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से जारी "शिक्षा बचाओ, छात्र-युवाओं का भविष्य बचाओ" आमरण अनशन के समर्थन में मंगलवार को भाकपा माले, छात्र संगठन और महिला संगठन एपवा ने औरंगाबाद में विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को बिना संशोधन तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई गई.
शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला प्रदर्शन
विरोध मार्च भाकपा माले जिला कार्यालय, शाहपुर से शुरू होकर मुख्य बाजार, समाहरणालय होते हुए रमेश चौक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और विभिन्न मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की.
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि लगातार पेपर लीक, विशेषकर नीट परीक्षा विवाद से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.
आंदोलनकारियों से वार्ता की उठाई मांग
भाकपा माले के जिला सचिव मुनारिक राम ने कहा कि किसान, मजदूर, महिला, छात्र और बेरोजगार युवा सरकारी नीतियों से परेशान हैं. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और संविधान की भावना की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे आंदोलनकारियों से तत्काल वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए.
कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव मुनारिक राम, एपवा की जिलाध्यक्ष रिंकू देवी, जिला कमेटी सदस्य राम विजय यादव, कमलदेव पासवान, कैलाश पासवान, निर्माण मजदूर यूनियन के नेता अवधेश गिरी तथा टाउन सचिव अब्दुल जलील अंसारी ने किया. इस दौरान नरेश मेहता, सुनील यादव, रमेश पासवान, डॉ. अब्दुल लतीफ अंसारी, कुलदीप प्रसाद, महेंद्र राम, विजय राम, मनोरमा देवी, गंगिया देवी, अमृता देवी, रेशमी देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
