औरंगाबाद में टंकी के अभाव में ठप पड़ी नल-जल योजना, महादलित टोले के लोग पेयजल संकट से परेशान

Aurangabad News: औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड के प्राणपुर महादलित टोला में पानी की टंकी नहीं बनने से नल-जल योजना शुरू नहीं हो सकी है. ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान हैं और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं.

(औरंगाबाद के मदनपुर से विनय कुमार सिंह की रिपोर्ट)


Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड की महुआवा पंचायत अंतर्गत प्राणपुर महादली टोला में नल जल योजना अधूरी हालत में है. योजना के तहत ढांचा निर्माण का कार्य तो पूरा कर लिया गया, लेकिन जल भंडारण के लिए पानी टंकी का निर्माण नहीं किया गया. इसके कारण अब तक महादलित टोले में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है और ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बिना टंकी की नल जल योजना सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है. पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन कई जगहों पर सही तरीके से कनेक्शन भी नहीं किए गए हैं. इससे योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है टोले के लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और गंभीर हो जाती है. जिससे उन्हें दूर दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है. टोले के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी टंकी का निर्माण कर योजना को पूरा करने की मांग की है ताकि नियमित जलापूर्ति हो सके.

क्या कहते हैं टोले के लोग

अखिलेश कुमार ने कहा कि हम लोगों के लिए नल जल योजना उम्मीद की तरह आई थी लेकिन बिना पानी टंकी के सब बेकार हो गया .पाइप में पानी नहीं आता. रोजाना दूर जाकर पानी लाना पड़ता है
सरकार से मांग है कि जल्द टंकी लगाकर पानी की व्यवस्था शुरू कराई जाए.

अखिलेश कुमार

बिजनी देवी ने कहा कि गर्मी में पानी के लिए परेशानी सबसे ज्यादा महिलाओं को झेलनी पड़ती है. सुबह-शाम दूर से पानी ढोना मजबूरी बन गई है. नल जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. अगर टंकी लग जाती तो टोला वासियो को राहत मिलती. प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद है ताकि परेशानी खत्म हो सके.

बिजनी देवी

कमलेश कुमार ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता है. नल जल योजना अगर सही से लागू होती तो यह समस्या नहीं होती प्रशासन से आग्रह है कि जल्द टंकी लगाकर टोले में नियमित पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

कमलेश कुमार

कईल भुइयां ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब समाधान नहीं मिलता तो लोगों का भरोसा तंत्र से उठने लगता है. यही स्थिति यहां देखने को मिल रही है जो चिंता का विषय है समस्या का समाधान शीघ्र होना चाहिए.

कईल भुइयां

सत्येंद्र भुइयां ने कहा कि टोले में पानी की समस्या के कारण सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है. क्योंकि लोग अपने दैनिक कार्य में ही व्यस्त रहते हैं इससे जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है.

सत्येंद्र भुइयां

लालन राम ने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत पूरी नहीं हो रही है जो किसी भी टोल के लिए गंभीर समस्या है. इसके बावजूद समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है इस पर विभाग को संज्ञान लेना चाहिए.

लालन राम

क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी

BDO डॉ अवतुल्य कुमार आर्य ने कहा कि नल जल योजना के तहत पानी की टंकी नहीं लगाए जाने संबंधी कोई औपचारिक शिकायत अब तक प्राप्त नहीं हुई है .बावजूद यदि प्राणपुर महादलित टोला में इस प्रकार की समस्या हेतु उसकी जांच कराई जाएगी .जांच में तथ्य सामने आने पर संबंधित एजेंसी को आवश्यक दिशा निर्देश देकर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को निर्वाण व स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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