Aurangabad News: (विश्वनाथ पांडेय) महिला कॉलेज मुड़िला, अंबा में बुधवार को पुलिस दीदी एवं नारी सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य दिनेश कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन प्रो. सबीता सिंह ने किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुटुंबा थाना की दारोगा अंजली कुमारी ने कहा कि वर्तमान समय में बालिकाओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाना एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने छात्राओं से फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी सोशल मीडिया साइटों का अनावश्यक उपयोग कम कर अपने लक्ष्य, शिक्षा और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की.
माता-पिता से बढ़कर कोई भरोसेमंद नहीं
दारोगा अंजली कुमारी ने कहा कि प्रत्येक बेटी के लिए उसके माता-पिता से अधिक भरोसेमंद कोई नहीं होता. यदि छात्राएं घर से बाहर पढ़ाई के लिए जाती हैं तो उन्हें अपने करियर और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी, उत्पीड़न या मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में डरने अथवा चुप रहने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसकी तत्काल सूचना पुलिस को देनी चाहिए ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके.
महिला सुरक्षा कानूनों और हेल्पलाइन की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. “पुलिस दीदी” कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में विश्वास पैदा करना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है.
शिक्षित महिला समाज के विकास की आधारशिला
वक्ताओं ने नारी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आज के दौर में बेटियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनने की आवश्यकता है. शिक्षा, आत्मविश्वास और कानूनी जानकारी ही महिलाओं को हर चुनौती का सामना करने की शक्ति प्रदान करती है.
छात्राओं ने पूछे सुरक्षा से जुड़े सवाल
कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए सुरक्षा और कानून से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया. कार्यक्रम के अंत में छात्राओं से सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया. छात्राओं ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए इसकी सराहना की.
इस अवसर पर प्रो. ब्रजनंदन पाठक, प्रो. रामधार सिंह, प्रो. वृंदा कुमारी, प्रो. संजय कुमार सिंह, प्रो. सुनील कुमार, किरण कुमारी, प्रभा कुमारी तथा महिला कांस्टेबल माया कुमारी सहित कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं.
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