Aurangabad News : रसायन व गणित के शिक्षक नहीं, परीक्षा तैयारी पर असर

Not chemistry and आठ कमरे में 995 छात्राएं कर रहीं शिक्षा ग्रहण, भवन के अभाव में प्रतिभा हो रही कुंठित

मदनपुर. बच्चों की शिक्षा पर सरकार पानी की तरह रुपये बहा रही है. सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका असर भी दिख रहा है, लेकिन कुछ विद्यालय इससे अछूते है. उदाहरण के तौर पर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रोजेक्ट जयप्रभा कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय को देखा जा सकता है. यहां भवन के अभाव मे छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है. विद्यालय में नौवीं से 12वीं तक 995 बच्चों का नामांकन है, लेकिन पढ़ने के लिए सिर्फ आठ ही कमरे ही हैं. आठ कमरों में भी दो क्षतिग्रस्त हैं, जिससे छात्राओं को बैठने में परेशानी होती है. भवन निर्माण को लेकर विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कई बार विभाग को चिट्ठी लिखी गयी है. इसके बावजूद अब तक भवन का निर्माण नही हो सका है. विद्यालय में शिक्षकों की भी कमी है. 995 छात्राओं के लिए सिर्फ 26 शिक्षक ही है. विद्यालय में रसायन, गणित, मनोविज्ञान व गृह विज्ञान के शिक्षक नहीं है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं क्षतिग्रस्त कमरों में पढ़ाना मुश्किल हो गया है.

क्या कहते हैँ शिक्षक व छात्र

शिक्षक विभु शंकर चौबे ने बताया कि विद्यालय में भवन व शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. छात्राओं की संख्या के अनुसार और तीन से चार कमरे की जरूरत है. शिक्षकों की कमी से छात्राएं परेशान रहती हैं. छात्रा सोनी कुमारी ने बताया कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में भवन नही होने केेे कारण एक बेंच पर पांच से छह लड़कियों को बैठने पड़ता है. जिससे न तो पढ़ने के लिए जगह बनता है और न ही लिखने के लिए. छात्रा अंजलि कुमारी ने बताया कि विद्यालय में कई विषय के शिक्षक नहीं है. जिससे उनके सिलेबस पूरे नही होते है. पढ़ाई पुरी नहीं होने से उनके परीक्षा पर असर पड़ता है. परिणाम अच्छे नहीं आने से उनका मनोबल गिरता है. प्रभारी प्रधानाध्यापक हरिनंदन विश्वकर्मा ने कहा कि विद्यालय में छात्राओं की संख्या ज्यादा है. लेकिन, भवन के अभाव में उन्हे वर्ग में बैठने में काफी कठिनाई होती है. एक बेंच पर पांच से छह बच्चे बैठने को मजबूर है. पहले भी विभाग को चिट्ठी लिखी गयी थी. विभाग से तीन कमरों की स्वीकृति मिली है लेकिन, अब तक उसका निर्माण नहीं हो सका है. इसका मुख्य कारण है कि विद्यालय के आगे खाली ग्राउंड है. जिसमे कुछ पेड़ लगे हुए है. वन विभाग द्वारा कुछ नियम बताकर काटने पर रोक लगा दिया जाता है. ठेकेदार भवन निर्माण को तैयार है. विभाग से मांग करते हैँ कि जल्द से जल्द वन विभाग से संपर्क कर भवन निर्माण कराया जाये.

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