Aurangabad News : ज्ञान श्रम को बनाता है सार्थक : राजाराम

Aurangabad News: सांसद, विधायक व कुलपति ने दाउदनगर कॉलेज में शिलापट्ट का अनावरण

By Prabhat Khabar News Desk | February 22, 2025 10:35 PM

दाउदनगर.

दाउदनगर महाविद्यालय दाउदनगर में पांच विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई का उद्घाटन किया गया. काराकाट के सांसद राजाराम सिंह, ओबरा के विधायक ऋषि कुमार व मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति डॉ प्रो शशि प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर पीजी की पढ़ाई का उद्घाटन किया. मौके पर पूर्व कुलपति प्रो डॉ इश्तियाक, रजिस्टार प्रो डॉ विपिन कुमार, प्रॉक्टर प्रो उपेंद्र कुमार आदि गण्यमान्य अतिथि उपस्थित थे. अतिथियों द्वारा कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया गया. इसके बाद कॉलेज के प्रेमचंद सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के कुल गीत से की गयी. छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया. काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि कला के साथ-साथ विज्ञान की पढ़ाई भी होनी चाहिए. कला की जरूरत अभी बढ़ गयी है. इतिहास भूगोल दर्शन इकोनॉमिक्स भाषा का अध्ययन जरूरी हो गया है. श्रम ज्ञान को भी सार्थक बनता है और उसे डेवलप भी करता है. ज्ञान ह्यूमनिटी के डेवलपमेंट के लिए है. आजादी के नेताओं और बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में बना संविधान बहुत मजबूत है. जब शिक्षा के लक्ष्य पर बात होगी तो बेसिक्स को मेंटेन रखना होगा. उन्होंने मगध के इतिहास पर चर्चा करते हुए कहा कि 600 वर्ष पुराना मगध का इतिहास है. हमारे इलाके में कृषि के साथ-साथ सभ्यता और संस्कृति विकसित भी है. सोन नहर प्रणाली जीवन रेखा है. उपजाऊ धरती और धरती के नीचे का पानी खत्म नहीं होगा .उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के प्रति उत्साहित करने की बात कही.

आर्थिक आजादी जरूरी : ऋषि

ओबरा विधायक ऋषि कुमार ने कहा कि ग्राउंड जीरो पर असली ड्रॉप आउट प्राइमरी शिक्षा से हो रहा है. किसी भी पॉपुलेशन को आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक जागरूकता जरूरी है. जब तक लोग इन तीनों क्षेत्रों में जागरूक नहीं होंगे, तब तक आर्थिक आजादी नहीं मिलेगी. उन्होंने एनएच पर महाविद्यालय का बोर्ड लगाने की आवश्यकता जतायी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी समग्र योजना के तहत गऊ घाट से कॉलेज तक सड़क का निर्माण कराया जायेगा. कॉलेज में ओपन जिम लगाया जायेगा. इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त कराने के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहेंगे.

कॉलेज के विकास के लिए विधानसभा में उठाएं मुद्दा

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ शशि प्रताप शाही ने दाउदनगर कॉलेज में इसी सत्र से स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू करने का भरोसा दिया. उन्होंने कॉलेज के विकास के लिए प्रधानाचार्य को डीपीआर बनाने का निर्देश दिया एवं विधायक से अनुरोध किया कि विधानसभा के पटल पर दाउदनगर कॉलेज के विकास के मुद्दे को उठाया जाये. सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों से आग्रह किया कि महाविद्यालय को एक परिवार के रूप में मानते हुए तन्मयता के साथ काम करें, क्योंकि काम करने से ही विकास के मार्ग खुलते हैं एवं समाज की उन्नति होती है.

कॉलेज की उपलब्धियों पर हुई चर्चा

पूर्व कुलपति एवं भूगोलवेता प्रो डॉ मो इश्तियाक ने दाउदनगर महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रधानाचार्य की सराहना की. मगध विश्वविद्यालय के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए कहा कि जब वे विदेशों में भी जाते हैं तो मगध साम्राज्य की चर्चा और इसके ऐतिहासिक शिक्षा व्यवस्था की चर्चा की जाती है. रजिस्ट्रार प्रो डॉ बिपिन कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पर चिंता व्यक्त की और इसे दूर करने का भरोसा जताया.

एक से दो महीने में लगेंगी तीन प्रतिमाएं

प्राचार्य प्रो डॉ एमएस इस्लाम ने कहा कि एक से दो महीने के अंदर कॉलेज परिसर में शहीद ए आजम भगत सिंह, कॉलेज के संस्थापक डॉ रामपरीखा यादव व डॉ शमशुल हक की प्रतिमा लगायी जायेगी. कॉलेज के विकास के लिए बहुत सारी योजनाएं बनायी गयी हैं. उन्होंने सोचा कि बेटियों की शिक्षा के लिए कुछ करना चाहिए. इतिहास, अर्थशास्त्र, हिंदी, मनोविज्ञान और भूगोल विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू हो रही है.

शिक्षा में सुधार से ही राष्ट्र का विकास

असिस्टेंट प्रो डॉ ज्योतिष कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की चुनौतियां एवं उनके समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कहा कि शिक्षा में सुधार से ही राष्ट्र का विकास होगा भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा जरूरी है उन्होंने आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश की आबादी का करीब एक चौथाई यानी लगभग 34 करोड़ लोग अभी भी साक्षर नहीं हैं. ग्रेजुएट की आबादी आठ प्रतिशत है. दो प्रतिशत महिला ग्रेजुएट हैं. बुनियादी सुविधाओं का अभाव, शिक्षकों की कमी, तकनीक का अभाव, जागरूकता की कमी, वित्तीय बाधाएं, भाषा व सांस्कृतिक बाधाएं सामने आ रही है. मंच संचालन भूगोल के सहायक प्राध्यापक डॉ देव प्रकाश एवं प्रो आकाश कुमार ने किया. धन्यवाद ज्ञापन हिंदी के सहायक प्राध्यापक प्रो आकाश कुमार ने किया.

प्रमुख रूप से रहे उपस्थित

मौके पर गया कॉलेज गया के प्राचार्य डॉ सतीश चंद्र, एसडीएस कॉलेज कलेर के प्राचार्य डॉ वेद प्रकाश चतुर्वेदी, एस सिन्हा कॉलेज औरंगाबाद के प्राचार्य डॉ एसके मिश्रा, पूर्व प्राचार्य जावेद अशरफ, पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो ददन सिंह, किशोरी सिन्हा कॉलेज के प्रो इंचार्ज डॉ अरुंजय कुमार, प्रो अनवर खुर्शीद खान, प्रो संजय कुमार, दामोदर शर्मा, डॉ धर्मेंद्र कुमार, अधिवक्ता एजाजुल हक, अभिलाषा कुमारी, राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार, जदयू नेता विजय पासवान आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे.

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