भगवान की भक्ति से मनुष्य को बैकुंठ मिलता है: अनिल शास्त्री

AURANGABAD NEWS.नवीनगर श्री गौ गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में भवानोखाप गांव स्थित संगत परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में भक्ति की धारा बह रही है.

नवीनगर.न

वीनगर श्री गौ गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में भवानोखाप गांव स्थित संगत परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में भक्ति की धारा बह रही है. कथावाचक अनिल शास्त्री ने बताया तुंगभंगा नदी के किनारे के एक गांव था. वहां पर आत्मदेव नाम का एक ब्राह्मण और उसकी पत्नी धुंधली रहती थी. आत्म देव तो सज्जन थे. लेकिन, उसकी पत्नी दुष्ट प्रवृति की थी. आत्म देव की कोई संतान नहीं हो रहा था और आत्म देव ने कई बार आत्महत्या करने की भी कोशिश की. लेकिन सफल नहीं हो पाये. एक दिन हताश होकर जंगल की तरफ आत्महत्या करने जा रहे थे. तभी आत्म देव को रास्ते में एक ऋषि मिले. फिर आत्म देव ने ऋषि को अपनी कहानी सुना कर रोने लगे और उपाय पूछने लगे. ऋषि ने कहा कि मेरे पास अभी तो ऐसा कुछ नहीं है, जिससे मैं तुम्हें कुछ दे पाऊं. लेकिन आत्म देव ने बताया कि उसकी गाय को कोई बच्चा नहीं हो रहा है. जब आत्म देव ऋषि को बार-बार कहते लगे तो ऋषि ने उन्हें एक फल दिया और उसको अपनी पत्नी को खिलाने को कहा और कहा कि एक साल तक तुम्हारी पत्नी को सात्विक जीवन जीना पड़ेगा. आत्म देव वह फल लेकर खुशी-खुशी घर वापस लौटे. सारी बात पत्नी से कही और फल खाने को दिया. लेकिन, धुंधली सोचती है कि अगर बच्चा हुआ तो उसे बहुत कष्ट का सामना करना पड़ेगा. यही सोचकर उसने उस फल को नहीं खाया और जाकर सारी बात अपनी छोटी बहन को बताया. उसकी बहन ने उसे एक रास्ता बताया और कहा की मैं गर्भवती हूं और मुझे बालक होने वाला है. यह बालक तू ही लेना. उस फल को उसे और गाय को खिला दे. इससे उस ऋषि की शक्ति का भी पता चल जायेगा. धुंधली ने ऐसा ही किया और अपने पति आत्म देव के सामने गर्भावस्था का नाटक करने लगी. कुछ दिन बाद जाकर अपनी बहन से बच्चा लेकर आ गयी. आत्म देव बहुत खुश हुआ. खुशियां मनायी और उस बच्चे का नाम ब्रह्मदेव रखना चाहा, लेकिन धुंधली ने फिर झगड़ कर उसका नाम धुंधकारी रखा. उधर, धुंधली ने जो फल गाय को खिलाया था, उससे उसके भी गर्भ से मनुष्य के बालक का जन्म हुआ. उसके कान लंबे-लंबे थे. इसलिए उसका नाम आत्म देव ने गोकर्ण रखा. इस मौके पर आचार्य रंगनाथ शास्त्री, वार्ड पार्षद अमित कुमार पिंटू, सत्येंद्र सिंह, रामपुकार सिंह, त्रिपुरारि सिंह, ज्ञानी देवी, राधा सिंह, बृज किशोर सिंह, जेके सिंह, सुरेश सोनी, नवीन सोनी, सुनील बॉस, मंटू चंद्रवंशी, उदय सिंह, दुदुन सिंह, ललिता केडिया, कुसूम देवी, सरिता शर्मा, नीलम रानी, मंजू कुमारी समेत कई लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Vikash Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >