Aurangabad News (सुजीत कुमार सिंह): वरिष्ठ साहित्यकार एवं हिंदी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री धनंजय जयपुरी के आवास पर एक आत्मीय साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ. ‘आम पार्टी’ के रूप में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने देखते ही देखते काव्य-गोष्ठी का भव्य रूप ले लिया, जहां साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्तियों की रसधार देर रात तक प्रवाहित होती रही. साहित्यिक संवादों की गरिमा से परिपूर्ण इस आयोजन में नगर के अनेक कवि, साहित्यकार और साहित्य-प्रेमी एकत्र हुए. कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक तथा समसामयिक साहित्यिक विषयों पर सार्थक चर्चा के बीच उपस्थित लोगों ने साहित्यिक वातावरण का भरपूर आनंद उठाया. कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, प्रकृति, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं को स्वर प्रदान किया वहीं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध हुंकार भी भरा.
साहित्य केवल मनोरंजन का विषय नहीं- डॉ सुरेन्द्र प्रसाद
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार डॉ सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र ने की. अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन समाज में रचनात्मक चेतना को सशक्त बनाते हैं तथा साहित्यकारों को विचार-विनिमय के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का एक मजबूत माध्यम भी है. कार्यक्रम का सफल संचालन शब्दाक्षर के जिलाध्यक्ष नागेंद्र केशरी द्वारा किया गया.
रचनाकारों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
काव्य-पाठ के क्रम में डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ रामाधार सिंह, डॉ संजय कुमार सिंह, डॉ ओमप्रकाश पाण्डेय, लवकुश प्रसाद सिंह, जनार्दन मिश्र ‘जलज’, अनुज बेचैन, विनय ‘मामूली बुद्धि’, अनिल ‘अनल’, अशोक पाण्डेय, आशुतोष पाठक, चंदन पाठक तथा हिमांशु चक्रपाणि सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी-अपनी बेहतरीन रचनाएँ प्रस्तुत की. मौके पर मौजूद श्रोताओं ने कवियों की रचनाओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुना तथा तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया.
मेजबान धनंजय जयपुरी ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में मेजबान धनंजय जयपुरी ने सभी आगंतुकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि साहित्यिक मित्रों के साथ बिताया गया यह समय उनके लिए अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के साहित्यिक आयोजनों को आयोजित करने का आश्वासन दिया. वहीं कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने समाज में रचनात्मकता बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने पर बल दिया.
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