Aurangabad News : पार्क उद्घाटन के बाद शहरवासियों में खुशी का माहौल

Aurangabad News: बैठने और बच्चों के खेलने के लिए सुंदर व सुरक्षित स्थान मिलने पर स्थानीय लोग जता रहे संतोष

दाउदनगर. दाउदनगर शहर के वार्ड 11 में नगर पर्षद द्वारा नव निर्मित पार्क के उद्घाटन के बाद शहरवासियों में खुशी का माहौल है. पार्क खुलते ही बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों तथा महिला-पुरुषों की भीड़ यहां उमड़ने लगी है. लोगों को टहलने, बैठने और बच्चों के खेलने के लिए एक सुंदर व सुरक्षित स्थान मिलने से स्थानीय नागरिक संतोष जता रहे हैं. हालांकि, इस खुशी के बीच कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं. संबंधित वार्ड पार्षद और कुछ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पर्षद द्वारा पार्क निर्माण से पहले क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा पूरी तरह सही नहीं है. उनका आरोप है कि बिना पूरा अतिक्रमण हटाये पार्क का निर्माण कराया गया है. कुछ लोगों के कथित तौर पर निजी जमीन को सरकारी बताते हुए पार्क का निर्माण कराया गया है. हालांकि, मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने इन आरोपों को गलत व बेबुनियाद बताया है. बहरहाल, आरोप- प्रत्यारोप के बीच शहर में पहले पार्क उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है और हर कोई इस पार्क का आनंद उठाना चाह रहा है.सुबह से लेकर रात तक काफी भीड़ लगी रह रही है.

डिप्टी सीएम को लिखा

छात्र जदयू के प्रखंड अध्यक्ष एवं स्थानीय निवासी परितोष कुमार उर्फ मंगल चंद्रवंशी ने डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री तथा डिप्टी सीएम राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं शहर एवं आवास मंत्री को अलग-अलग पत्र लिखकर पार्क का उद्घाटन रोकने और पार्क निर्माण की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्य पार्षद के घर की जमीन कथित तौर पर 15 से 20 फुट तक सरकारी जमीन में बढ़ा है, जिसे बचाने के लिए इओ और अमीन के सहयोग से पार्क का निर्माण कराया गया है. इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय में वाद भी दाखिल किया गया है.

क्या कहना है वार्ड पार्षद का

वार्ड 11 के पार्षद संजय कुमार का आरोप है कि पार्क निर्माण में उनसे कोई राय नहीं ली गयी. उन्हें औपचारिक या अनौपचारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया. शुरु से पार्क निर्माण में उनकी राय नहीं ली गयी. अतिक्रमण में 15 से 20 फुट मुख्य पार्षद के घर का जमीन भी जा रहा था. गरीबों का जमीन जबरदस्ती कब्जा किया गया है. अतिक्रमण को पूरी तरह हटवाकर पार्क निर्माण कराना था, लेकिन सही तरीके से अतिक्रमण नहीं हटवाया गया. उद्घाटन में स्वागतकर्ता में उनका नाम भी अंकित है, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं थी.

क्या कहते हैं लोग

स्थानीय निवासी एवं छात्र जदयू अध्यक्ष मंगल चंद्रवंशी ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय में वाद दाखिल रहने के बावजूद पार्क का उद्घाटन कराया गया है. मुख्य पार्षद ने बढ़ा हुआ 15-20 फुट जमीन बचाने के लिए निजी जमीन को कब्जा किया है. उद्घाटन के दौरान किसी सदस्य द्वारा कहा गया कि यह एक एकड़ 39 डिसमिल का प्लॉट है तो क्या पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. वार्ड 11 निवासी रंजन कुमार ने कहा कि उनका छह डिसिमल निजी जमीन है. 1946 से ही उनका रसीद कटते आ रहा है. उस पर कब्जा करके पार्क का निर्माण कराया गया है. एक एकड़ 39 डिसमिल जमीन है तो सबको छोड़कर मुझे ही टारगेट क्यों बनाया गया.

क्या कहती हैं मुख्य पार्षद

मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी वार्ड पार्षदों को सूचित कर दिया था. इसलिए वार्ड पार्षद द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है. इन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर किन्हीं को लगता है कि उनका घर अतिक्रमण में है तो जांच करवा कर कार्रवाई करवा दें. अगर अतिक्रमण पाया जाता है तो वे स्वयं खड़ा होकर अपने घर पर बुलडोजर चलवायेंगी. मुख्य पार्षद ने अतिक्रमण मुक्त कराने संबंधित सवाल पर कहा कि उन्होंने डीएम को पत्र लिखा था कि अतिक्रमण मुक्त कराकर पार्क निर्माण कराया जाये. चूंकि, यहां पर बहुत सारे लोग रहते हैं. किसी का घर नहीं तोड़ा गया है, जो खाली जगह था, उतना में ही पार्क का निर्माण कराया गया है. अंचल कार्यालय द्वारा जमीन चिह्नित कर दिया गया. न्यायालय में वाद दाखिल किये जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >