Aurangabad News (मणिकांत पांडेय): इफको बाजार में खाद वितरण के दौरान गुरुवार को अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई. इस दौरान किसानों ने पुलिस पर अंधाधुंध लाठी बरसाने का आरोप लगाया है. घटना में चार लोग घायल हो गए, जिनमें सहरसा निवासी बद्री नारायण द्विवेदी, भीम कुमार सिंह, लवकेश कुमार और राहुल कुमार शामिल हैं. गंभीर रूप से घायल बद्री नारायण द्विवेदी को बेहतर इलाज के लिए गया रेफर किया गया है. बताया जाता है कि उनके बाएं आंख के पास गंभीर चोट आई है.
किसानों का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी किसान खाद लेने के लिए लाइन में लगे हुए थे. इसी दौरान डायल 112 के वाहन चालक धनंजय शर्मा अपने गांव के एक किसान को जल्दी खाद दिलाने का प्रयास कर रहा था. आरोप है कि इसी बात को लेकर उनकी लवकेश कुमार नामक व्यक्ति से कहासुनी हो गई. किसानों का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी थाना गए और कुछ देर बाद चार गाड़ियों से अन्य पुलिस बल इफको बाजार पहुंचा. वहां पहुंचते ही पुलिस द्वारा किसानों पर लाठीयां बरसाई गई, जिससे कई लोग घायल हो गए. मामले को लेकर थाने में आवेदन भी दिया गया है. घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
वितरण के लिए एक काउंटर
अन्य किसानों ने बताया कि खाद वितरण के लिए केवल एक ही काउंटर बनाया गया था, जहां महिला और पुरुष दोनों की लाइन लगी हुई थी. इससे वितरण में काफी देरी हो रही थी और भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि काउंटर के पास शेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण पुलिसकर्मी धूप से बचने के लिए दूर पेड़ की छांव में चले जाते थे, जिससे व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही थी.
प्रभारी एसएचओ ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
इधर मामले में प्रभारी एसएचओ अशोक कुमार दास ने किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि 112 पुलिस की गाड़ी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थी. भीड़ काफी अनियंत्रित हो गई थी, जिसके बाद अतिरिक्त गश्ती पुलिस बल भेजा गया. भीड़ के कारण अफरा-तफरी की स्थिति बनी थी. पुलिस द्वारा किसानों की पिटाई करने की बात गलत है.
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