दाउदनगर. किसानों को पटवन कार्य के लिए निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन प्रदान करने के लिए नौ फरवरी से पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर शिविर की शुरुआत की गयी है, जो 28 फरवरी तक चलना है. ब्लॉक कार्यालय दाउदनगर परिसर में भी शिविर लगाया गया. लेकिन, शिविर स्थल पर मंगलवार की दोपहर जो स्थिति देखी गयी, उसके अनुसार यह पता नहीं चल सकता कि यह किस काम के लिए शिविर लगाया गया. मंगलवार की दोपहर दो बजे तक कोई विभागीय पदाधिकारी भी शिविर में नहीं पहुंचे थे. सिर्फ बिजली विभाग के दो कर्मी मौजूद थे. उनसे जब पूछा गया तो उनके द्वारा बताया गया कि विभागीय स्तर पर किसी प्रकार का कोई बैनर या निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन से संबंधित कोई हैंडबिल उपलब्ध नहीं कराया गया है. जो भी लोग पहुंच रहे हैं, उन्हें निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन के बारे में जानकारी दी जा रही है. जब कोई व्यक्ति जाकर पूछ रहा है, तब उन्हें जानकारी मिल रही है कि यह निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन का शिविर है. इस संबंध में कनीय अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से शिविर की शुरुआत हुई है. यह शिविर परियोजना के माध्यम से लगाया जाना है. जिला मुख्यालय से विभागीय स्तर पर मंगलवार की दोपहर तक हैंडबिल प्राप्त नहीं हुए थे. हालांकि, आश्चर्यजनक बात यह रही कि प्रभात खबर प्रतिनिधि द्वारा इस रिपोर्ट को संकलन करने के महज 15 -20 मिनट के अंदर ही स्टॉल को हटा लिया गया.
रोस्टर के अनुसार पंचायत में व प्रखंड मुख्यालय में रोज लगना है शिविर
मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंधी योजना फेज दो के अंतर्गत विद्युत संरचना का निर्माण एवं कृषि विद्युत संबंध प्रदान किया जा रहा है. अधिकाधिक कृषि विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारी, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार से समन्वय स्थापित किया जाना है. साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के निदेशक (परियोजना) दीपक कुमार सिंह द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों को लिखे गये पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि शिविर का आयोजन पंचायत स्तर पर रोस्टर तैयार कर एवं प्रखंड स्तर पर प्रतिदिन आयोजित किया जाना है. शिविर में कृषि विद्युत संबंध के लिए आवेदन की प्रविष्टि सुविधा ऐप के माध्यम से किया जाना है.
