Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रत्येक आवेदन का अधिकतम 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. निर्धारित अवधि में मामलों का निष्पादन न होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब कर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को स्थानीय स्तर पर ही प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है.
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी नोडल एवं सहयोगी अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में प्राप्त सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. विशेष रूप से ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया जिनका निपटारा 10 से 20 दिनों के भीतर नहीं हो पाया हो. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मामलों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
लंबित मामलों की सूची होगी सार्वजनिक
डीएम ने निर्देश दिया कि राजस्व और न्यायालय से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा शिविर तिथि से पहले कर लिया जाए. शिविर के दिन लंबित और निष्पादित मामलों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी और आवेदकों को लिखित जानकारी दी जाएगी. बैठक में बताया गया कि अब तक प्राप्त 12,527 आवेदनों में से 12,135 (97%) आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है. बैठक में एडीएम, डीडीसी सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.
