औरंगाबाद/कुटुंबा. कुटुंबा थाना में पदस्थापित एएसआइ महेंद्र पासवान को उनके सरकारी आवास में शराब रखकर फंसाया गया था. इस मामले का खुलासा हो गया है. एएसआई को फंसाने वाला होमगार्ड जवान विवेक पुलिस के हत्थे चढ़ गया. यह कार्रवाई थानाध्यक्ष इमरान आलम के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी उमेश कुमार व चाहत कुमार ने सोमवार की देर शाम में की है. साजिसकर्ता विवेक कुमार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुंडा गांव का मूल निवासी है. वह कुटुंबा थाना में वाहन परिचालन करता था. थानाध्यक्ष ने बताया कि वह रिसियप तरफ घुम रहा था. इसी क्रम में पुलिस को गुप्त रूप से उसके होने की सूचना मिल गयी. सटीक सूचना के आधार पर पुलिस पदाधिकारी ने उसे कब्जे में लेकर पूछताछ करने के लिए थाना लाया. उसने अपनी गलती स्वीकार की. हालांकि पूछताछ के दौरान वह खुद को बचने के लिए बार-बार ब्यान बदलता रहा.थानाध्यक्ष ने बताया कि पिछले दिनो चार अगस्त को उनकी यहां पोस्टिंग हुई थी. गृह रक्षक की गतिविधि संदिग्ध पाए जाने और पुलिस की गोपनीयता भंग करने के मामले में उसे यहां से हटा दिया गया था. उसे महसूस हुआ कि महेंद्र पासवान ने थानाध्यक्ष से रिपोर्ट कर यहां से हटवा दिया है. एएसआइ से बदला लेने की भावना उसमें भर गयी थी. अंतत: एएसआइ के क्वार्टर में पिछले दरवाजे से शराब रख कर उसे फंसा दिया. ज्ञात हो कि शराब पाये जाने के बाद एएसआई को भारी तनाव में गुजरना पड़ा. यहां तक कि जेल जाना पड़ा. साथ हीं विभागीय कार्रवाई भी की गई. ज्ञात हो कि वे कोर्ट में कैदी को लेकर गए थे.इसी बीच उनके खिलाफ थाने में 27 नवंबर को कांड संख्या 172/25 दर्ज की गयी. कमरे में शराब रखने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था. घटना के बाद उक्त मामले में की सच्चाई जानने को तकनीकी अनुसंधान की जिम्मेदारी एसआइ उमेश कुमार को दी गयी. एसआइ उमेश कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं अन्य साक्ष्य के आधार पर सफलतापूर्वक यह पता लगा लिया कि उक्त अधिकारी को बदनाम करने के उद्देश्य से नवीनगर थाना में पदस्थापित होमगार्ड ने उनके सरकारी कमरे में शराब रखा.
क्या है पूरा मामला
थाना परिसर स्थित पुलिस पदाधिकारी के कमरे से शराब बरामद होने पर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही थी. पुलिस के अनुसंधान में खुलासा हुआ कि साजिशकर्ता विवेक 23 नवंबर को चार बजे शाम में कुटुंबा थाना परिसर में गया. इसके बाद छह बजे तक इधर-उधर घुम-घुम कर रेकी किया. उसे इस बात की जानकारी थी कि एएसआइ के पिछले दरवाजे में कुंडी नहीं है.इसके बाद दूसरे दिन वह इसी थाना क्षेत्र के नबाबगंज गांव के बाद छतरपुर, नांवा और हरिहरगंज बाजार में रहा है. इस दौरान उसने बियर का खरीद किया.पुनः 26 नवंबर को कुटुंबा में हीं इधर-उधर घुमता रहा.इधर जब 27 नवंबर को एएसआई कैदी लेकर कोर्ट चले गये. इसी बीच उनके क्वार्टर में पिछले दरवाजे से छह बोतल बियर रखकर डीआईजी को फोन से सूचना दी. घटना के बाद से उक्त होमगार्ड पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी. यह भी देखा गया था कि घटना के एक दिन पूर्व इसका लोकेशन झारखंड के हरिहरगंज व डाल्टनगंज में देखा गया था. घटना के बाद वह नवीनगर हसपुरा आदि अलग-अलग थाने में भगता फिर रहा था. थानाध्यक्ष ने बताया कि उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था. उसकी हर गतिविधि पर पुलिस शक कर रही थी.
