Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के तेलहारा बिगहा निवासी मनोज कुमार वर्मा ने पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन देकर कुटुंबा थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले को फर्जी बताया है. पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ ही आवेदन की एक प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक (IG) गया को भी भेजी गई है.
चेक पोस्ट पर पुलिसकर्मियों द्वारा रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित मनोज कुमार वर्मा ने आवेदन में उल्लेख किया है कि 16 जुलाई 2026 की तड़के करीब 3:45 बजे उनके ट्रक चालक ने सूचना दी कि एरका चेक पोस्ट पर ट्रक को आगे जाने से रोका गया है. सूचना मिलते ही वह अपने भतीजे प्रकाश के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से ट्रक को अंबा स्थित आवास तक जाने देने का अनुरोध किया. आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने रुपयों की मांग की और पैसे देने से इनकार करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.
मारपीट, सामान छीनने और फर्जी केस दर्ज करने का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर कुटुंबा थाना लाया गया. आरोप है कि रास्ते में उनके गले से सोने की चेन, दो अंगूठियां, 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल छीन लिया गया. उन्होंने दावा किया कि थाना परिसर में भी कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, जिसका सीसीटीवी (CCTV) फुटेज जांच कर देखा जा सकता है. बाद में केवल मोबाइल लौटाया गया और बाकी सामान जब्त रख लिया गया.
निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार
मनोज कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था. उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने एसपी से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और उन्हें इस फर्जी मुकदमे से मुक्त कराने की मांग की है.
