औरंगाबाद में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, चार दोस्तों पर हत्या की साजिश का आरोप

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के एक युवक की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार दोस्तों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है.

Aurangabad News (राजू रंजन की रिपोर्ट): औरंगाबाद में घर से अपने दोस्तों के साथ निकले एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र में भारी बवाल मचा हुआ है. मृतक युवक की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के कोसडीहरा गांव निवासी मितु पासवान के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में स्पष्ट तौर पर हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मारपीट की यह मुख्य घटना पड़ोसी राज्य झारखंड के हरिहरगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. इधर इलाज के दौरान हुई मौत के उपरांत पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है.

बहाना बनाकर ले गए थे

मृतक की बहन शिवानी कुमारी द्वारा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, गत 29 मई को प्रिंस कुमार अपने घर पर ही मौजूद था. इसी दौरान गांव के ही रहने वाले चार युवक नीतीश कुमार, रुपेश कुमार, पीरु कुमार और अभिषेक कुमार ने उसे किसी जरूरी काम का बहाना बनाया. वे उसे अपने साथ झारखंड के हरिहरगंज चलने के लिए राजी कर वहां ले गए. परिजनों ने बताया कि उस समय प्रिंस के साथ उसका सगा मामा मोनू कुमार भी गया हुआ था.

अस्पताल में छोड़कर भागे दोस्त

परिजनों ने बताया कि उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे उन्हें फोन पर अचानक सूचना मिली कि प्रिंस को तेज ‘धक्का’ लगा है और वह गंभीर रूप से घायल है. जब पीड़ित परिजन आनन-फानन में औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां प्रिंस को लावारिस हालत में छोड़कर चारों नामजद आरोपी मौके से फरार हो चुके थे. डॉक्टरों ने प्रिंस की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत गया मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहाँ भी हालत में सुधार न होने पर उसे वाराणसी ले जाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया.

जातिसूचक गाली देने का आरोप

बेहतर इलाज के लिए बीएचयू (BHU), वाराणसी में भर्ती प्रिंस ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतक की बहन ने सीधा आरोप लगाया है कि चारों नामजद आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उसके भाई पर जानलेवा हमला किया और बेरहमी से मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आरोपी रुपेश कुमार की मां ने पीड़िता के परिवार को सरेआम जातिसूचक शब्द कहकर गंभीर धमकी दी कि यदि केस किया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे.

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

इस पूरे मामले में क्या कहती है स्थानीय पुलिस. बारुण की प्रभारी थानाध्यक्ष रिंकू कुमारी ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तुरंत सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. चूंकि मुख्य घटनाक्रम हरिहरगंज झारखंड क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए बारुण पुलिस ने तकनीकी रूप से जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है. इसके साथ ही अग्रिम जांच और अगली कानूनी कार्रवाई के लिए इसे संबंधित थाने को फॉरवर्ड कर दिया गया है. पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है.

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Published by: Vikas Jha

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