Aurangabad News : डॉ आंबेडकर का दर्शन पूरी तरह लोकतंत्र पर आधारित : इंदु भूषण

Aurangabad News :दाउदनगर महाविद्यालय में डॉ भीमराव आंबेडकर : सामाजिक और राजनीतिक दर्शन विषय पर हुई संगोष्ठी

दाउदनगर. दाउदनगर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो डॉ एमएस इस्लाम के दिशा-निर्देशन में प्रेमचंद सभागार में डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा डॉ भीमराव आंबेडकर : सामाजिक और राजनीतिक दर्शन विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. व्याख्यान देते हुए इतिहास विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ इंदु भूषण प्रसाद ने डॉ भीमराव आंबेडकर के जीवन वृत का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि डॉ आंबेडकर जैसे प्रकांड विद्वान और विराट व्यक्तित्व वाला व्यक्ति को एक जाति विशेष के अंदर बांध देना उनके व्यक्तित्व को कमतर आंकने जैसा है. उन्होंने राजनीतिक लड़ाई द्वारा समाज के दबले, कुचले और शोषित वर्ग को ऊपर उठाकर शासन एवं सत्ता में समान भागीदारी दिलाने का काम किया था. उनका राजनीतिक दर्शन पूरी तरह से लोकतंत्र पर आधारित है. उन्होंने समाजवाद को अपनाया था जो यह बताता है कि समाज में सभी के मूल्यों का ख्याल रखा जाये. डॉ आंबेडकर की इसी सोच एवं उनकी विद्वता को देखकर उन्हें आजाद भारत का कानून मंत्री बनाया गया और देश की रक्षा सलाहकार कमेटी में भी रखा गया. गणित विभाग के नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुनील जी ने कहा कि डॉ आंबेडकर बहुत बड़े शिक्षाविद भी थे. उन्होंने दर्जनों किताबें लिखी है. उन्होंने शिक्षा को सभी के विकास के लिए मुलभूत आधार माना है. खासकर गरीब एवं समाज के पिछड़े व दलित वर्गों के लिये तो उन्होंने इसे शेरनी का दूध कहा. यूजीसी डॉ आंबेडकर की सोच का ही परिणाम है. संगोष्ठी को अंग्रेजी के बीए पार्ट तीन के छात्र मनीष कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब को पूजने की नहीं, बल्कि पढ़ने की जरुरत है, परंतु आज की राजनीति के हालात ऐसे हो गये हैं कि सभी राजनीतिक पार्टियां उनके नाम की पूजा कर राजनीतिक लाभ ले रही हैं. दर्शनशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बरुण कुमार चौबे ने भी प्रेरणादायी गीतों की प्रस्तुति दी. मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ श्रीनिवास सिंह ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया. अध्यक्षता करते हुए अर्थशास्त्र के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ ज्योतिष कुमार ने डॉ भीमराव अंबेडकर को महान अर्थशास्त्री बताते हुए कहा कि देश में आरबीआई की स्थापना डॉ आंबेडकर ने ही की है. उन्होंने डॉ भीमराव आंबेडकर को आधुनिक भारत का निर्माता कहा. संचालन हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर मंजु कुमार सोरेन ने किया. धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ देव प्रकाश ने किया तथा एनएसएस प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी. मौके पर सभी शिक्षक, शिक्षेत्तर कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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By AMIT KUMAR SINGH_PT

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