औरंगबाद में फायर सेफ्टी पर प्रशासन का कड़ा रुख: अस्पतालों और होटलों को नोटिस, 15 दिनों में कमियां दूर नहीं की तो होगी कारवाई

Aurangabad News: औरंगाबाद में अग्निशमन विभाग ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज कर दी है. सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर 15 दिन में सुधार का निर्देश दिया गया है, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी.

Aurangabad News:(सुजीत कुमार सिंह) औरंगाबाद जिले में हाल के दिनों में हुई अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है. निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी, बिहार, पटना के निर्देश पर जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी के नेतृत्व में अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है.

अस्पतालों और होटलों का हुआ औचक निरीक्षण

अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी रामाकांत सिंह, अग्निक चालक मंजीत कुमार पांडेय और अग्निक रौशन कुमार की टीम ने जिले के कई प्रमुख संस्थानों का निरीक्षण किया. इस दौरान कर्मा रोड स्थित न्यू आरपीएस हॉस्पिटल, डॉ. ओम प्रकाश क्लीनिक, ओल्ड जीटी रोड स्थित निर्मला आईवीएफ फर्टिलिटी केयर क्लीनिक, एमजी रोड स्थित निर्मला हॉस्पिटल समेत कई प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई. इसके अलावा कई राइस मिल और ढाबों का भी निरीक्षण किया गया.

जांच में मिली कई गंभीर खामियां

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, इवैक्यूएशन प्लान और फायर एग्जिट संकेतकों की कमी पाई गई. कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र अक्रियाशील मिले या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए. अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को इन कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं.

15 दिनों में सुधार नहीं हुआ तो होगी कड़ी कार्रवाई

अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं होने पर अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

जरूरत पड़ने पर संस्थानों को किया जा सकता है सील

विभाग के अनुसार यदि निर्देशों की अनदेखी जारी रहती है तो संबंधित संस्थानों को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. अधिकारियों ने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है.

निरीक्षण अभियान आगे भी रहेगा जारी

जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी ने बताया कि आने वाले दिनों में भी जिलेभर में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा. सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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