Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर महाविद्यालय, दाउदनगर में इंटर्नशिप, स्पॉट नामांकन और कॉलेज पत्रिका के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कॉलेज परिसर में प्राचार्य का पुतला दहन कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में छात्र जदयू के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए. प्रदर्शन के पश्चात दोनों छात्र संगठनों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.
छात्रों से अवैध वसूली और मेरिट की अनदेखी का आरोप
अभाविप के नगर अध्यक्ष ओमकार कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान जिला संयोजक प्रभात कुमार और नगर मंत्री अमन साहू ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से 500 से 1000 रुपये तक की अवैध राशि ली जा रही है, जबकि बिहार सरकार और राजभवन के नियमानुसार यूजी सीबीएस (UG CBCS) के पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए.
इसके अलावा, स्पॉट नामांकन में मेरिट की अनदेखी कर मनमाने पैसे वसूलने और पिछले दो वर्षों से पत्रिका प्रकाशित न होने के बावजूद पत्रिका शुल्क के नाम पर 500 से 700 रुपये ऐंठने का आरोप भी लगाया गया. छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 5 दिनों के अंदर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अभाविप जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेगी.
छात्र जदयू ने भी सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन में छात्र जदयू के प्रखंड अध्यक्ष परितोष कुमार उर्फ मंगल चंद्रवंशी के साथ अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए. छात्र जदयू ने भी स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया को सरल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने तथा छात्रों की अन्य समस्याओं के समाधान को लेकर ज्ञापन सौंपा.
इस मौके पर आकाश कुमार, आकाश खत्री, भोला आर्य, प्रिंस कुमार, मोहित कुमार, सूरज कुमार, दुर्गा कुमार, सोनू कुमार, अभिषेक चौधरी, भास्कर गुप्ता और दीपु कुमार सहित कई छात्र कार्यकर्ता मौजूद थे.
कॉलेज प्रशासन का पक्ष: आरोपों को बताया बेबुनियाद
मामले पर महाविद्यालय के पीआरओ (PRO) डॉ. देव प्रकाश ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन इंटर्नशिप के नाम पर कोई शुल्क नहीं वसूलता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय ने इंटर्नशिप के लिए चार कंपनियों को सूचीबद्ध किया है और केवल रजिस्ट्रेशन शुल्क संबंधित कंपनियां ही लेती हैं, जिसमें कॉलेज की कोई भूमिका नहीं है. छात्र अपनी सुविधा अनुसार किसी भी अन्य संस्थान से भी निशुल्क इंटर्नशिप कर सकते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा.
