औरंगाबाद में फर्जी IPS ट्रेनी ने पुलिस को ही बना लिया मोहरा, नगर थाना को किया कॉल और छापेमारी के नाम पर कराई वाहन जांच

औरंगाबाद में एक शातिर ने पुलिस को ही झांसे में ले लिया. प्रशिक्षु IPS बनकर उसने पुलिस बल की मांग की और वाहनों की जांच शुरू करा दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दो को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है.

Fake IPS Trainee : औरंगाबाद में पुलिस को अक्सर फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले लोगों की तलाश रहती है, लेकिन यहां एक शातिर ने पुलिस को ही अपने झांसे में ले लिया. प्रशिक्षु IPS अधिकारी बनकर नगर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया और एक मामले में छापेमारी के लिए पुलिस बल की मांग कर दी. भरोसा होने पर पुलिसकर्मी उसके साथ निकल पड़े, जिसके बाद उसने जसोइया मोड़ पर वाहनों की जांच भी शुरू करा दी.

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने फर्जी प्रशिक्षु IPS के साथ घूमने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. हालांकि मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जबकि उसके चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी की स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है.

पुलिस बल को साथ लेकर पहुंचा जसोइया मोड़

नगर थाना पुलिस के अनुसार, फर्जी IPS ने थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताया था. उसने एक मामले में छापेमारी के लिए पुलिस बल मांगा. उसकी बात पर भरोसा करते हुए नगर थाना से गश्ती दल को उसके साथ भेज दिया गया.

इसके बाद वह पुलिसकर्मियों के साथ जसोइया मोड़ पहुंचा और वहां वाहनों की जांच शुरू कर दी. इस दौरान उसने एक सब्जी व्यापारी समेत टेंपो से जा रहे यात्रियों से पूछताछ की.

दो युवकों को स्कॉर्पियो में बैठाया

जांच के दौरान हरिहरगंज थाना क्षेत्र के आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि के अलावा नबीनगर थाना क्षेत्र के गोसाइडीह गांव निवासी अजय कुमार से भी पूछताछ की गई. पूछताछ के बाद अजय कुमार को छोड़ दिया गया.

आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि को फर्जी IPS ने अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया. इसके बाद अजय कुमार को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी.

इसी बीच आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि के एक दारोगा रिश्तेदार को भी घटना की जानकारी मिली. दारोगा ने कथित प्रशिक्षु IPS से फोन पर बातचीत करने की कोशिश की.

शक होते ही दोनों युवकों को रास्ते में उतारा

बातचीत के दौरान फर्जी IPS को अंदाजा हो गया कि उसकी पहचान को लेकर पुलिस को शक हो चुका है. पकड़े जाने के डर से उसने दोनों युवकों को कामा बिगहा के पास उतार दिया और वहां से फरार हो गया.

मामले की जानकारी मिलते ही एसपी ने इसे गंभीरता से लिया और सभी थानों को वाहन जांच कर आरोपितों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया.

चेकपोस्ट पर पुलिस को देखकर भागा मुख्य आरोपी

पुलिस ने आरोपितों की तलाश में वाहन जांच तेज कर दी. इसी दौरान एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस को देखकर फर्जी IPS मौके से भाग निकला. हालांकि उसका चालक पिंटू कुमार पुलिस के हाथ लग गया.

गिरफ्तार चालक की पहचान झारखंड के डाल्टेनगंज निवासी पिंटू कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है. एक अन्य गिरफ्तार आरोपी कुंदन कुमार पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है.

फर्जी प्रशिक्षु IPS की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही

पुलिस के अनुसार, फर्जी प्रशिक्षु IPS और उसके अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. मामले की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इस तरीके से और किन घटनाओं को अंजाम दिया है.

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लेखक के बारे में

By सुजीत कुमार सिंह

सुजीत कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. क्राइम की खबरों की गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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