औरंगाबाद में ई-शिक्षाकोष ऐप पर 3301 गुरुजी दिखे 'लापता', वेतन रुकने और कार्रवाई की तलवार लटकी

Aurangabad Eduction News: औरंगाबाद में ई-शिक्षाकोष की रिपोर्ट के अनुसार 24 जून को 3301 शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं की. 23 विद्यालयों से किसी भी शिक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई.

Aurangabad Eduction News: (सुजीत कुमार सिंह) शिक्षा विभाग की डिजिटल उपस्थिति प्रणाली ई-शिक्षाकोष की रिपोर्ट ने जिले में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर बड़ा खुलासा किया है. 24 जून की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 3301 शिक्षकों ने अपनी डिजिटल हाजिरी दर्ज नहीं की, जबकि 23 विद्यालयों से एक भी शिक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई. यह स्थिति तब सामने आई है जब शिक्षा विभाग सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है.

2304 में से 23 विद्यालयों से नहीं दर्ज हुई उपस्थिति

ई-शिक्षाकोष रिपोर्ट के अनुसार औरंगाबाद जिले में कुल 2304 विद्यालय हैं. इनमें से 2281 विद्यालयों ने शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 23 विद्यालयों से किसी भी शिक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी.

15,959 शिक्षकों में 10,641 की ही दर्ज हुई उपस्थिति

जिले में कुल 15,959 शिक्षक कार्यरत हैं. इनमें 9930 शिक्षकों ने विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज की, जबकि 711 शिक्षक विभिन्न सरकारी कार्यों में प्रतिनियुक्त (मार्क ऑन ड्यूटी) पाए गए. इस प्रकार कुल 10,641 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हुई.

2017 शिक्षक अवकाश पर, फिर भी 3301 की हाजिरी गायब

रिपोर्ट के अनुसार 2017 शिक्षक अवकाश पर थे. इसके बावजूद 3301 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है. शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं होना गंभीर मामला है.

तकनीकी दिक्कत या लापरवाही, जांच के बाद होगा खुलासा

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कई शिक्षकों का कहना है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी और ई-शिक्षाकोष ऐप में तकनीकी समस्याओं के कारण कई बार समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती. सर्वर डाउन होने या नेटवर्क की समस्या के कारण उपस्थित शिक्षक भी पोर्टल पर अनुपस्थित दिख सकते हैं. हालांकि यह जांच का विषय है कि मामला तकनीकी खामी का है या लापरवाही का.

डीपीओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

डीपीओ समग्र शिक्षा अमृतेश आर्यन ने बताया कि ई-शिक्षाकोष में उपस्थिति से जुड़े मामलों की नियमित जांच की जाती है. अनियमितता मिलने पर संबंधित शिक्षकों को शोकॉज नोटिस जारी किया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन 3301 शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज नहीं की और जिन 23 विद्यालयों से कोई उपस्थिति नहीं आई है, उनकी पहचान की जा रही है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

24 जून के प्रमुख आंकड़े

  • कुल विद्यालय: 2304
  • जहां उपस्थिति दर्ज हुई: 2281
  • जहां उपस्थिति दर्ज नहीं हुई: 23
  • कुल शिक्षक: 15,959
  • विद्यालय में उपस्थित शिक्षक: 9,930
  • मार्क ऑन ड्यूटी: 711
  • कुल उपस्थिति दर्ज: 10,641
  • अवकाश पर शिक्षक: 2,017
  • उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षक: 3,301

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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