औरंगाबाद में दोमुहान पुल बंद होने के बाद अंजनिया पुल पर बढ़ा भारी वाहनों का दबाव, ग्रामीणों ने जताई बड़े हादसे की आशंका

Aurangabad News : औरंगाबाद के दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अंजनिया गांव के पुल पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं. ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत और भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है.

Aurangabad News : औरंगाबाद के दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का दबाव अब ग्रामीण क्षेत्रों की लिंक सड़कों और छोटे पुलों पर बढ़ गया है. इसका सबसे अधिक असर सिमरा थाना क्षेत्र के अंजनिया गांव जाने वाले मुख्य पुल पर पड़ रहा है. लगातार ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के आवागमन से पुल तेजी से जर्जर हो रहा है. पुल के कई हिस्सों में दरारें उभर आई हैं, जबकि किनारे भी टूटने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इससे दर्जनों गांवों का संपर्क भी प्रभावित होने की आशंका है.

पुल का निरीक्षण कर ग्रामीणों ने जताई चिंता

सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण पुल के पास पहुंचे और उसकी स्थिति का निरीक्षण किया. पुल में आई दरारों और क्षतिग्रस्त हिस्सों को देखकर लोगों की चिंता और बढ़ गई. इसके बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुल पर तत्काल भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने, तकनीकी जांच कराने और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की.

ग्रामीण सड़कें नहीं हैं भारी वाहनों के लिए उपयुक्त

ग्रामीणों ने बताया कि दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए ग्रामीण लिंक सड़कों को वैकल्पिक मार्ग बना दिया है. इन सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण ग्रामीण यातायात को ध्यान में रखकर किया गया था, न कि भारी ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के लगातार परिचालन के लिए. इसी कारण कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं और पुल-पुलियां भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं. अंजनिया गांव का मुख्य पुल भी इसी दबाव का शिकार बन गया है.

दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है अंजनिया पुल

ग्रामीणों के अनुसार, इस पुल से अंजनिया सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. स्कूली बच्चे, किसान, मरीज, व्यवसायी और आम लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. यदि पुल क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया तो पूरे इलाके का संपर्क प्रभावित हो जाएगा. लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. वहीं, आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन भी बाधित हो सकता है.

भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

लोजपा नेता पवन कुमार मेहता ने कहा कि यदि समय रहते पुल की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल इस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे. वहीं, पंकज कुमार ने कहा कि अंजनिया गांव का पुल दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है. यदि यह पुल क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया तो पूरे क्षेत्र का आवागमन प्रभावित हो जाएगा. इसलिए प्रशासन को तत्काल पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगानी चाहिए.

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Author: Manish raj singham

Published by: Yuvraj Ratan

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