नहर की पक्की सड़क पर चढ़ी मिट्टी की परत, हुआ कीचड़ से लथपथ

दुर्दशा: स्कूली बच्चों की जिंदगी खतरे में, वाहनों का परिचालन मुश्किल, क्षेत्र में दर्जनों गांव के लोगो को बढ़ी परेशानी

दुर्दशा: स्कूली बच्चों की जिंदगी खतरे में, वाहनों का परिचालन मुश्किल

क्षेत्र में दर्जनों गांव के लोगो को बढ़ी परेशानी

कुटुंबा. उत्तर कोयल नहर के किनारे अंबा कॉलोनी से जगई फॉल तक बनी पक्की सड़क कीचड़ जमा हो गया है. इस पर वाहन चलाना जानलेवा साबित हो रहा है. कब कौन काल के गाल में समा जाये कहा नहीं जा सकता. इस मार्ग पर जान जोखिम में डालकर स्कूली बच्चों से भरी बसों का भी परिचालन हो रहा है वर्तमान में दो पहिया व तीन पहिया वाहन चालक कीचड़ से पट्टी मार्ग से गुजरने की जुर्रत नहीं कर रहे हैं. हालांकि, स्कूली वाहन का इस मार्ग से गुजरना मजबूरी है. आये दिन पक्की सड़क पर स्कूली बसें फंस जा रही है, जिसे कीचड़ से बाहर निकालने में स्कूल संचालक व वाहन मालिक को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. मंगलवार को भी उक्त पथ स्थित देशपुर पुल के समीप अंबा के एक स्कूल की गाड़ी घंटों तक फंसी रही. जगई गांव के रामप्रवेश पांडेय, अमरेश कुमार, ढुंडा गांव के राधेकृष्ण पांडेय, रामस्वरूप पांडेय, सीताराम पांडेय, पांडेय बिगहा गांव के रामसागर पांडेय ने बताया कि हल्की बारिश में भी सड़क कीचड़ से भर जाती है, जिससे बाइक चलाना और पैदल चलना जोखिम भरा हो गया है. हालांकि, यह सड़क पहले से हीं पूरी तरह से जर्जर थी. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े खतरनाक गड्ढे उभरे थे. हल्की बारिश में पानी जमा हो जाता था. फिर भी, मजबूरी में यात्री जोखिम उठाकर इस पथ का उपयोग करते थे.

कोयल नहर के रिमॉडलिंग के दौरान बिगड़ी सड़क की रूप

उत्तर कोयल नहर के रिमॉडलिंग कार्य के कारण भारी वाहनों हाईवा, टैंकर और जेसीबी के लगातार आवागमन से सड़क और खराब हो गयी है. धूल-मिट्टी ने पक्की सड़क को पूरी तरह ढक लिया है. हल्की बारिश में भी यह पथ कीचड़ से भर जाता है, जिससे बाइक चलाना और पैदल चलना असंभव-सा हो गया है. ऐसी स्थिति में दुर्घटना की संभावना हर पल बनी रहती है. विदित हो कि यह सड़क मदनपुर, बालूगंज और देव जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. दो दर्जन से अधिक गांव इस पथ पर निर्भर हैं. प्रतिदिन हजारों लोग इसका उपयोग करते हैं. यदि बारिश से पहले इस सड़क का पुनर्निर्माण करा दिया जाता राहगिरो को दिक्कत नहीं होती. इस लाइलाज समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई पहल नहीं दिख रही है. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से लेकर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए नहर किनारे पथ को सुदृढ कराने की मांग की है.

क्या बताते हैं मुख्य अभियंता

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उत्तर कोयल नहर के रिमॉडलिंग के लिए वाप्कोस को अधिकृत किया गया है. इस बार लगातार मॉनसूनी बारिश होते रहने से निमार्ण कार्य एजेंसी को दिक्कत हुई है. बरसात के बाद उक्त पथ पर मेंटल बिछाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sujit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >