औरंगाबाद शहर : हजार व पांच सौ के नोट बंद होने के बाद एक तरफ बैंकों में अफरा-तफरी का माहौल है. पक्ष व विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे है. व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों को लेकर चिंता जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी निर्णय पर स्कूली बच्चे खुशियां जाहिर कर रहे हैं. नारायणा मिशन स्कूल के सातवीं व आठवीं कक्षा के छात्र- छात्राओं ने विद्यालय परिसर से एक जागरूकता रैली निकाल कर पीएम के निर्णय को सही ठहराया. बच्चों ने आम लोगों से अपील की कि अभी देश बदलाव के दौर में है. ऐसे में संयम बरतना जरूरी है. छात्र सुमित कुमार, हिमांशु कुमार, छात्रा मुस्कान पांडेय ने कहा कि हजार व पांच सौ के नोट बंद होने के बाद चंद नेताओं ने देश में अफरा-तफरी का माहौल कायम कर दिया है.
उन्हें यह समझ में नहीं आता कि पीएम ने काला धन पर नकेल कसने के लिए यह निर्णय लिया है. देश की सरहद की सुरक्षा में लगे जवानों पर उन नेताओं की नजर नहीं जाती जो, अपने काले धन को बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं. इस बदलाव के दौर में आम लोग संयम से काम लें. कुछ ही दिन में स्थिति सामान्य हो जायेगी. विद्यालय के बच्चों ने नोट पर पीएम के सर्जिकल स्ट्राइक को सराहनीय, कामयाब, अर्थव्यवस्था में सुधार की एक पहल, भ्रष्टाचारियों पर प्रबल प्रहार और अमीरों व गरीबों के बीच खाई को पाटनेवाला करार दिया है. विद्यालय के निदेशक सतीश रंजन, एमडी वीरेंद्र कुमार, प्राचार्य एके सिन्हा ने कहा कि विद्यालय के बच्चों ने स्पष्ट कहा कि वे अपने-अपने अभिभावकों से संयम बरतने की अपील करेंगे.
