छात्रों के समर्थन में शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी धरने पर
औरंगाबाद : शहर के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में बी फार्मा में पढ़नेवाले छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को बी फार्मा के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन व मगध विश्वविद्यालय के खिलाफ आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया, साथ ही कॉलेज के सारे कार्य को ठप करा कर प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना पर बैठ गये.
प्रदर्शन कर रहे बी फार्मा के छात्र विकास कुमार, संजय कुमार, भरत कुमार, राकेश कुमार, मंजीत कुमार, वीरू कुमार, दुर्गेश कुमार, राजू कुमार, सुप्रिया कुमारी, रीना कुमारी, रेखा कुमारी, अस्मिता कुमारी, पूजा कुमारी, अलिया खातून का कहना था कि उन सभी ने बी फार्मा में वर्ष 2011-12 में नामांकन लिया था. चार वर्ष में कोर्स को पूरा हो जाना था, लेकिन अभी तक बी फार्मा की परीक्षा तक नहीं ली गयी है.
जब इसकी शिकायत करने मगध विश्वविद्यालय पहुंचे तो, वहां यह कहते हुए भगा दिया गया कि सिन्हा कॉलेज में बी फार्मा की पढ़ाई की मान्यता नहीं है. जब कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में पूछा तो, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बी फार्मा की मान्यता है. छात्र-छात्राओं ने कहा कि उनका भविष्य अधर में लटक गया है.
जिसके कारण आंदोलन कर रहे हैं. दो दिनों के भीतर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति जवाब दें, अन्यथा उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होंगे. इधर, सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी छात्रों के समर्थन में धरना पर बैठ गये.
संघ के सचिव महेंद्र सिंह, संतोष सिंह, देवेंद्र सिंह, मनोज कुमार, शेखर सिंह, विकास सिंह, केके राय, हिमांशु कुमार सहित अन्य लोगाें ने कहा कि सिन्हा कॉलेज में बी फार्मा की मान्यता से संबंधित सारे कागजात हैं, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा गलत मैसेज देकर छात्रों के बीच दिग्भ्रमित करने का काम किया जा रहा है, जिससे महाविद्यालय की गरिमा को काफी ठेस पहुंची है.
यदि समस्याआें का निदान विश्वविद्यालय द्वारा एक सप्ताह के अंदर नहीं किया जाता है, तो अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ जायेंगे.इधर, छात्रों के आंदोलन को अभाविप के जिला संयोजक राहुल कुमार, छात्र राजद के भानुप्रताप सिंह सहित अन्य छात्र नेताओं ने अपना समर्थन दिया है.
