दाउदनगर (अनुमंडल) : लक्ष्य कंपीटीटीव क्लासेज में ‘प्रभात खबर’ द्वारा आयोजित ‘बेटी बचाओ अभियान’ के तहत परिचर्चा का आयोजन किया गया. उद्घाटन करते हुए निदेशक ओमप्रकाश कुमार ने कहा कि घटता लिंगानुपात चिंता का विषय है. भ्रूण हत्या को पूरी तरह से बंद कराना होगा. बेटा-बेटी को एक समान समझना होगा. बेटी के बिना सृष्टि की कल्पना भी नहीं की जा सकती. बेटियां घर को सुसज्जित बनाये रखती हैं. शिक्षक अभिषेक कुमार ने कहा कि बेटियां सृष्टि की जन्मदाता हैं. तिलक, दहेज एक तरह से ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में तब्दील करने का जरिया भी बनता जा रहा है. दहेज के लिए दोनों पक्ष जवाबदेह हैं.
यदि दहेज प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना है तो समाज को पूरे संकल्प के साथ इसे स्वीकार करना होगा. अपनी बेटियों को शिक्षित बनायें और उन्हें धरती पर आने दें. ललन कुमार ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब हमारे समाज में नारी की पूजा होती थी. अब यह अफसोस की बात है कि लड़कियों को जन्म लेने के पहले ही गर्भ में ही मार दिया जा रहा है. इसे पूरी तरह बंद करना होगा. पीडब्लूडी के सेवानिवृत कनीय अभियंता रामअवध सिंह यादव ने भी बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला. छात्रा मीनिका कुमारी ने कहा कि दहेज बहुत बड़ी सामाजिक बुराई है और भ्रूण हत्या का कारण भी.
तिलक, दहेज लेने से कोई करोड़पति नहीं बन जाता. लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी. भ्रष्टाचार बढ़ने का एक प्रमुख कारण दहेज भी है. एक मजबूर पिता अपनी पुत्री की अच्छे घराने में शादी करने के लिए भ्रष्टाचार का रास्ता अपनाता है. आशीष कुमार ने कहा कि दहेज नहीं लेने का संकल्प अभिभावकों को भी लेना होगा. अमरेश कुमार ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है. मनीष कुमार समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
