एनपीजीसी से जून तक शुरू हो जायेगा उत्पादन

तीन अलग-अलग इकाइयों से मिलेगी 1980 मेगावाट बिजली जून 2018 तक सभी इकाइयों को चालू करने की तैयारी पहले चरण की इकाइयों पर खर्च होंगे 15 हजार करोड़ रुपये औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले के नवीनगर व बारुण प्रखंड के सीमा पर नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) व बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के […]

तीन अलग-अलग इकाइयों से मिलेगी 1980 मेगावाट बिजली
जून 2018 तक सभी इकाइयों को चालू करने की तैयारी
पहले चरण की इकाइयों पर खर्च होंगे 15 हजार करोड़ रुपये
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले के नवीनगर व बारुण प्रखंड के सीमा पर नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) व बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम नवीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी (एनपीजीसी) बिजली परियोजना से जून 2017 में बिजली का उत्पादन शुरू हो जायेगा. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरारी प्रसाद सिन्हा ने बताया कि इस परियोजना में दो चरणों में छह इकाइयों का निर्माण किया जायेगा, जिससे चार हजार 380 मेगावाट बिजली उत्पादन होगी. प्रथम चरण में 660 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाली तीन इकाइयों का निर्माण कराया जा रहा है.
पहली इकाई से 2017 में 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जायेगा. इसके छह माह के अंतराल पर और दो इकाइयों से बिजली उत्पादन होने लगेगा. जून 2018 तक इस परियोजना की तीनों इकाइयों से 1980 मेगावाट बिजली उत्पादन होने लगेगा. श्री सिन्हा ने आगे बताया कि पहले चरण का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है और जो कार्य बचा है उसे युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है. पहले चरण की तीन इकाइयों के निर्माण पर 15 हजार करोड़ खर्च होंगे. मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी के अनुसार इस परियोजना से उत्पादन होने वाली बिजली का 80 प्रतिशत यानी 1600 मेगावाट बिजली बिहार को मिलनी है, जबकि 209 मेगावाट बिजली उत्तरप्रदेश को मिलेगी. 15 प्रतिशत बिजली अनलोकेटेड है.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आगे बताया कि दूसरे चरण में यहां 800-800 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाली तीन इकाइयां लगायी जानी है. इसकी फिजीबिलिटी रिपोर्ट तथा परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने का कार्य काफी तेज गति से चल रहा है. 15 अक्तूबर तक डीपीआर बन कर तैयार हो जायेगा और रिपोर्ट की कॉपी बोर्ड को सौंप दी जायेगी.
श्री सिन्हा के अनुसार दूसरे चरण की तीन इकाइयों के निर्माण पर करीब 17 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे . इसे 60 महीना में पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि पहले चरण की तीन इकाइयों में कोयला लाने के लिये रेल लाइन बिछाने का काम उत्पादन शुरू होने के पहले पूरा कर लिया जायेगा. इन तीनों इकाइयों के लिये प्रतिदिन 10 हजार टन कोयले की खपत होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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